संजीवनी टुडे

पीएम ने की वनस्थली विद्यापीठ की सराहना

संजीवनी टुडे 23-02-2019 21:11:15


टोंक। राजस्थान के टोंक में जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिले में मशहूर वनस्थली विद्यापीठ के शिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि वनस्थली विद्यापीठ ने देश में लम्बे समय तक शिक्षा व अवसरों से वंचित रहे वर्ग की बेटियों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। वनस्थली के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर में बेटियां स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी बेहतरीन रिसर्च कर रही हैं, ऐसे उत्पाद बना रही है जो जमीन पर प्रभाव दिखा रहे हैं। 

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पीएम ने कहा कि वनस्थली विद्यापीठ पिछले कुछ वर्षों में एक ऐसी सशक्त शिक्षण संस्था के रूप में उभरा है, जिसने अपने विद्यार्थियों को जीवन में विभिन्न भूमिकाएं बखूबी निभाने के लिए तैयार किया है। शिक्षण संस्थाओं की भीड़ में वनस्थली विद्यापीठ ने एक अलग मुकाम हासिल किया है और न केवल देश में अपितु विदेशों में भी ख्याति अर्जित की है। वनस्थली की सादगीपूर्ण, विनम्रता व शीलता की विचारधारा भारतीय राष्ट्रवाद एव राष्ट्रीयता के दो स्तंभों पर खड़ी है। गाैरतलब है कि वनस्थली ने 1935 में यह यात्रा तब शुरू की, जब महिला शिक्षा की संकल्पना ही नहीं थी। विद्याापीठ के संस्थापकों पं. हीरालाल शास्त्री एवं पदमभूषण रतन शास्त्री ने घर-घर जाकर छात्राओं को अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कई दशकों तक बिना कोई शुल्क के यह कार्य किया गया। लगभग 83 वर्ष पूर्व आरंभ हुई यह संस्था आज विश्व का सबसे बड़ा महिला आवासीय विश्वविद्याालय बन गया है, जहां करीब 15000 छात्राएं अध्ययनरत है। 

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850 एकड़ क्षेत्र में फैले राजस्थान के इस ग्रामीण परिवेश में स्थित अनूठे शैक्षिक संस्था में नर्सरी से लेकर पीएचडी तक की शिक्षा है। उन्होंने कहा कि विश्व में वनस्थली विद्यापीठ अपनी विशिष्ट शिक्षा पद्धति पंचमुखी शिक्षा के लिए जाना जाता है। पंचमुखी शिक्षा द्वारा शारीरिक, बौद्धिक, व्यावहारिक, कलात्मक व नैतिक शिक्षा प्रदान कर वनस्थली विद्यापीठ वर्षों से ऐसी महिलाओं का निर्माण कर रहा है जो सामाजिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में अग्रणी रही है। 

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