संजीवनी टुडे

उत्तराखंड में 30 नवम्बर तक सम्पन्न करायें पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट

संजीवनी टुडे 01-08-2019 15:33:32

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में गुरुवार को राज्य सरकार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 30 नवम्बर तक सम्पन्न कराने के निर्देश दिये।


नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में गुरुवार को राज्य सरकार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 30 नवम्बर तक सम्पन्न कराने के निर्देश दिये। अदालत ने कहा है कि सरकार हरिद्वार जिले में भी पंचायत चुनाव अपने तय समय सीमा के अंदर सम्पन्न कराये। इसके साथ ही अदालत ने याचिका को पूरी तरह से निस्तारित कर दिया है। 

अदालत ने पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति को भी गंभीर कदम माना और उनके वित्तीय निर्णयों पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है। हालांक अदालत ने कहा कि प्रशासक अपने पदों पर काम करते रहेंगे। इससे पहले अदालत ने पिछले सप्ताह एक अंतरिम आदेश जारी कर नियुक्त प्रशासकों के वित्तीय निर्णय लेने के अधिकार पर रोक लगा दी थी। 

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ ने आज गुलरभोज कि ग्राम प्रधान नईम अहमद की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। इससे पहले इस मामले में प्रदेश सरकार एवं राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत में पृथक-पृथक रूप से शपथपत्र पेश किये गये। सरकार एवं आयोग की ओर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के मामले में अदालत से 120 दिन की समय सीमा की मांग की गयी। 

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पंचायती राज अधिनियम, 2016 में संशोधन किया गया जिसके चलते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराये जा सके हैं। सरकार की ओर से आगे कहा गया कि हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश में 7000 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं और सरकार को अभी तमाम तरह औपचारिकतायें पूरी करनी हैं। इसलिये चुनाव सम्पन्न कराने के लिये कम से कम चार महीने का समय और चाहिये। 

चुनाव आयोग की ओर से भी कहा गया कि आयोग को वोटर लिस्ट के साथ ही अन्य आवश्यक औपचारिकतायें सम्पन्न करानी हैं। अदालत ने चुनाव आयोग को कहा कि आयोग एक स्वतंत्र निकाय है और सभी कानून से बंधे हुए हैं। इसलिये आयोग को चुनाव कराने को लेकर तय समय पर कदम उठाने चाहिए थे। 

अदालत ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने के याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया है। इस मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से कहा कि हम सभी कानून से बंधे हुए हैं और अदालत के पास राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार नहीं है। 

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हरिद्वार जनपद को छोड़कर अन्य 12 जनपदों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सम्पन्न कराये जाने हैं। हरिद्वार जनपद में दिसंबर 2020 में पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसलिये वहां चुनाव नहीं कराये जा सकते हैं। इसके बाद अदालत ने हरिद्वार जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराने के निर्देश सरकार को दिये हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से पिछले हफ्ते एक जनहित याचिका दायर कर कहा गया था कि प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 15 जुलाई को खत्म हो गया है। सरकार तय समय में पंचायतों के चुनाव कराने में असफल रही है। सरकार ने पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है। 

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याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि प्रदेश सरकार अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसलिये धारा 356 का प्रयोग करते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाये। इससे पहले अदालत ने सरकार एवं राज्य निर्वाचन आयोग से इस मामले में शपथपत्र पेश करने को कहा था।

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