संजीवनी टुडे

करंट से मौत के मामले में आश्रितों को 34 लाख देने के आदेश

संजीवनी टुडे 01-06-2019 12:26:35


झुंझुनू। जिला न्यायाधीश झुंझुनू अतुलकुमार सक्सेना ने दिए एक निर्णय में विद्युत करंट से एक रोडवेज कर्मचारी की हुई मृत्यु के मामले में मृतक के परिजनों को 34 लाख 53 हजार 172 रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने का आदेश दिया है।

मामले के अनुसार मृतक राजेंद्रप्रसाद जाट निवासी बजावा रावत का तहसील उदयपुरवाटी की पत्नी सुनीता, पुत्र संदीप एवं माता भागोती देवी ने न्यायालय के समक्ष हर्जाने का एक दावा कनिष्ठअभियंता ग्रामीण विद्युत छावसरी, सहायक अभियंता ग्रामीण विद्युत बड़ागांव, अधिशाषी अभियंता विद्युत वृत नवलगढ़, अधीक्षण अभियंता विद्युत वृत झुंझुनू व प्रबंध निदेशक अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड जयपुर के विरूद्ध पेश किया कि मृतक राजेंद्रप्रसाद झुंझुनू आगार में मैकेनिकल ग्रेड तृतीय के पद पर तैनात था तथा दिनांक 22 जून 2018 को दिन में करीब 11 बजे राजेंद्रप्रसाद अपने खेत में फसल में पानी लगाने के लिए एल्युमिनियम के फव्वारे की पाइप की लाइन लगा रहा था।

 किंतु खेत में स्थापित 11 केवी विद्युत लाइन के तार काफी नीचे होने के कारण फव्वारा पाइप विद्युत तार के संपर्क में आने से विद्युत करंट लगने से राजेंद्रप्रसाद की मृत्यु हो गई। जिस पर पुलिस थाना गुढ़ागौडज़ी पर मृग भी दर्ज की गई तथा मृतक का पोस्टमार्टम व पंचनामा पुलिस द्वारा तैयार किया गया एवं पुलिस ने मृतक की मृत्यु बिजली का करंट लगने से होना पाया गया।

चूंकि मृतक के खेत में 11 केवी लाइन के तार नीचे झूलते हुए थे तथा तारों की ऊंचाई जमीन से केवल आठ-साढ़े आठफुट पर ही थी तथा इस संबंध में विद्युत के अधिकारियों को भी इस बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका था। किंतु उक्त विद्युत अधिकारियों की लापरवाही, उपेक्षा की वजह से विद्युत करंट लगने से राजेंद्रप्रसाद की मृत्यु हो गई तथा एक करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति मांगी गई।

न्यायाधीश ने पत्रावली पर आई साक्ष्य का बारिकी से विश्लेषण करते हुए परिवादीगण का वाद उक्त सभी प्रतिवादीगण के विरूद्ध आंशिक रूप से डिग्री किया जाकर आदेश दिया कि मृतक के परिजन उक्त सभी प्रतिवादीगण से संयुक्त अथवा पृथक-पृथक रूप से 34 लाख 53 हजार 172 रुपए प्राप्त करने के अधिकारी है तथा दावा दायरी से वसूली तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज प्राप्त करने के अधिकारी है तथा यह राशि निर्णय की तिथि से दो माह के अंदर अदायगी के आदेश दिए है तथा साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिए है कि उक्त राशि में से 30 लाख रुपए की राशि मृतक की बेवा की सावधि जमा खाते में किसी राष्ट्रीय बैंक में तथा शेष चार लाख 53 हजार 172 रुपए की राशि मय ब्याज उसके बचत खाते में जमा करवाई जाए।

 

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