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सूचना के अधिकार की जानकारी रखें अफसर- राज्य सूचना आयुक्त

संजीवनी टुडे 15-02-2020 16:11:24

यहां उन्होंने नगर निगम सभागार में सूचना का अधिनियम 2005 उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली 2015 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत समीक्षा बैठक की।


कानपुर। राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चन्द्र सिंह शनिवार को कानपुर जनपद के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने नगर निगम सभागार में सूचना का अधिनियम 2005 उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली 2015 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत समीक्षा बैठक की। राज्य सूचना आयुक्त ने सभी विभागाध्यक्ष, जन सूचना अधिकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से कहा कि, सूचना अधिकार की जितनी भी धाराएं हैं उनकी जानकारी होनी चाहिए और नियमावली की पुस्तक जरुर रखें। 

उन्होंने धारा 6(1) की जानकारी देते हुए बताया कि इस धारा के अंतर्गत जो भी वादी जिस प्रारूप में सूचना मांगे उसी प्रारूप में सूचना 30 दिन के अन्दर दें। अन्यथा आपके पास जिस रूप में सूचना उपलब्ध हो उस रूप में सूचना दें। उन्होंने धारा 6(3) पर जानकारी देते हुए कहा कि यदि वादी द्वारा मांगी गई सूचना आपके विभाग से संबंधित नहीं है तो संबंधित विभाग को पांच दिन के अंदर सूचना उपलब्ध कर दें। इसके साथ ही वादी को सूचना दे दी जाए कि यह सूचना हमारे विभाग से संबंधित नहीं है अथवा सूचना बनाई जा रही है। 

उन्होंने कहा कि यदि मांगी गई सूचना वृहद है तो संबंधित वादी को 30 दिन के अंदर सूचना देनी होगी कि, आपके द्वारा मांगी गई सूचना अधिक है जो नि:शुल्क देय नहीं होगी। ऐसे में खाता संख्या देते हुए सुसंगत धनराशि (दो रुपये प्रति पेज) जमा करने के बाद आपको सूचना दी जाएगी। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अरविंद राय, भानू प्रताप सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

आरटीआई का करें समय से निस्तारण
राज्य सूचना आयुक्त इस विषय पर गंभीर दिखे कि आरटीआई का निस्तारण समस से नहीं किया जाता है। उन्होंने धारा 18, 19 (1), 19 (3), 20 (1), 20 (2) आदि की जानकारी देते हुए बताया कि आरटीआई के अंतर्गत मांगी गई सूचना की फाइलों को दबाकर रखने की मानसिकता नहीं होनी चाहिए। जो आरटीआई डाली गई है उसका समय से निस्तारण करें। 

बोझ नहीं है आरटीआई
उन्होंने कहा कि, आरटीआई आम आदमी से लेकर अधिकारी तक सबके लिए समान रूप से है, यह बोझ नहीं है। यह कार्य प्रणाली को गति देती है। आरटीआई यथास्थिति को तोड़ती है और शासन-प्रशासन को गतिमान बनाती है। उन्होंने कहा कि फिर सूचना नहीं दी जाती है तो उसका वाजिब कारण देना होगा। 

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