संजीवनी टुडे

कांग्रेस के अटल पर भारी पड़ सकती है कार्यकर्ताओं की उपेक्षा

संजीवनी टुडे 23-03-2019 22:28:44


बिलासपुर। बिलासपुर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी का नाम तय कर लिया है। भले ही 2018 की विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाने निकले प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव को निराशा हाथ मिली। अटल की संगठन से टूट और पार्टी में निष्ठा कम होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खास माने जाने वाले अटल को विश्वास में लिया गया। कांग्रेस संगठन के शीर्ष नेताओं की सलाह मानते हुए विधानसभा में काम किया।

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

इसका ही नतीजा है कि दौड़ में कई नाम होने के बावजूद उन्हें लोकसभा का बिलासपुर से प्रत्याशी बनाया गया। इससे महामंत्री अटल के समर्थकों में खुशी की लहर देखी जा रही है, लेकिन एक धड़ा ऐसा है जो इस बात की खुशी से ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखता। इसे जानने के लिए समय की सुई को पीछे घुमाना होगा। विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस से दावेदारों की लिस्ट लंबी थी। अटल श्रीवास्तव ने अपनी दावेदारी की, इस बीच कांग्रेस में नए जुड़े सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव शैलेष पांडेय ने रास्ता काट दिया। कांग्रेस ने विधानसभा शैलेष पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाया, जिसे लेकर शहर की राजनीति में भूचाल आ गया। कांग्रेस भवन में वरिष्ठ नेताओं के बीच जमकर विवाद भी हुआ।

MUST WATCH & SUBSCRIBE

शैलेष पांडेय विधायक तो बने लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के शिकार है।जो कई पार्टी कार्यक्रमों में महसूस किया गया है। इन सभी घटनाओं का ताजा असर अटल श्रीवास्तव के राजनीतिक परिवेश पर पड़ सकता है। बिलासपुर लोकसभा सीट पर भाजपा का वर्चस्व रहा है। अ बीजेपी के लखनलाल साहू वर्तमान सांसद हैं। बीजेपी के इस अभेद किले को कांग्रेस कैसे भेद सकेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा। अब देखना होगा कि मुंगेली और बिलासपुर जिले से बनी इस बड़ी सीट पर संगठन को एकजुट कर अटल कैसे अपना कब्जा जमा पाते हैं।

More From state

Loading...
Trending Now