संजीवनी टुडे

पशुधन व गौशालाओं के विकास में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत: राज्यपाल

संजीवनी टुडे 21-02-2019 20:48:45


जबलपुर। मध्यप्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनन्दी बेन पटेल के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पशुधन और मत्स्य पालन का प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान में प्रदेश में गौ संरक्षण के विशेष प्रयास किये जा रहे है। पशुधन और गौ शालाओं के विकास में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिये विशेष रूप से कार्य किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय का नामकरण पद्म विभूषण नानाजी देशमुख के नाम पर है। यह विश्वविद्यालय पशुओं के स्वास्थ्य, उनकी उन्नत नस्ल के विकास, संरक्षण संवर्धन, सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। नानाजी देशमुख का मानना था कि उन्नत पशुधन ग्रामीण विकास में विशेष योगदान रखता है। उन्होंने पशु उत्पादन वृद्धि के लिये अपने स्तर पर काफी प्रयास किये। ग्रामोदय की कल्पना उन्नत पशुधन से ही साकार हो सकती है।

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कृषि और पशुधन का भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में विशेष योगदान है। विश्व की दूसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने के लिये आवश्यक है कि हम प्राकृतिक, खनिज संसाधनों, पर्यटन, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि सहित हर क्षेत्र में विकास की संभावना तलाशें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिये स्व-सहायता समूह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। बकरी और कुक्कुट पालन के क्षेत्र में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ाये जाने चाहिये। सहकारी समितियों को और अधिक मजबूत और विकसित करने की आवश्यकता है। 

उन्होंने कहा कि पशुधन उत्पादों के व्यवसायीकरण की जरूरत है। दुग्ध उत्पादन में हमारा देश प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। मछली पालन और मुर्गी पालन में भी विश्व में पांचवें स्थान पर है। खाद्य उत्पादन में आशातीत वृद्धि हुयी है फिर भी कुपोषण से महिलायें और बच्चे अधिक पीडि़त है। इसलिये भोजन के अपव्यय को रोकना होगा। भोजन की बचत करनी होगी। राज्यपाल ने पशुधन व्यवसाय में विस्तार के साथ स्वच्छता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को परिवेश स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाये।

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के आचार्यों से जो सीखा है उसका उपयोग पशुपालकों, ग्रामवासियों, वनवासियों को स्वावलम्बी बनाने में करना चाहिये। महात्मा गांधी और नानाजी देशमुख की उत्कृष्ट अभिलाषाओं और आदर्शों को पूरा करने का सही समय आ गया है। इस विश्वविद्यालय का हर विद्यार्थी समाज सेवा, राष्ट्रसेवा और ग्रामीण सेवा की भावना से ओतप्रोत होकर विश्व में देश का नाम रोशन करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्व विद्यालय को प्रथम पेटेन्ट भारत सरकार की बौद्धिक सम्पदा विभाग द्वारा प्रदाय किया गया है। जिसके अंतर्गत क्लोनिंग प्रक्रिया के सरलीकरण के लिये माईक्रोटूल और माइक्रो फ्यूजन सिस्टम विकसित किया गया है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हम सब का दायित्व एवं कर्तव्य है कि बालिकाओं को उच्च शिक्षा से जोडऩे के लिये सकारात्मक एवं रचनात्मक माहौल बनाया जाए। जिससे हर छात्रा उच्च शिक्षा हासिल कर सके। राज्यपाल ने सभी उपाधि एवं स्वर्णपदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को शुभकामनायें-बधाई देते हुये उज्जवल भविष्य की कामना की।

दीक्षांत समारोह में वैज्ञानिक चयन मण्डल नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि देश की 68 फीसदी आबादी युवा हैं, जो 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। देश को स्वर्णिम काल में ले जाने की जिम्मेदारी युवाओं को ही उठानी होगी। जनसंख्या वृद्धि और घटते कृषि रकबे की वजह से आहार की कमी से निजात पाने के लिए कार्ययोजना बनाकर दूध, अंडा, मांस आदि का उत्पादन बढ़ाना होगा। समारोह के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रयाग दत्त जुयाल ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक प्रतिवेदन और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके बिसेन, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरएस शर्मा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो कपिलदेव मिश्रा, लॉ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलराज चौहान, पूर्व कुलपति डॉ. गोविंद मिश्र, कुलसचिव और प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएं मौजूद थे। दीक्षांत समारोह परम्परागत भारतीय परिधान में सम्पन्न हुआ।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव और आनंद पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय आणंद एवं कामधेनु विश्वविद्यालय गांधीनगर गुजरात के पूर्व कुलपति डॉ. एम.सी. वाष्र्णेय को मानद उपाधि से अंलकृत किया। दीक्षांत समारोह के पहले राज्यपाल ने नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के अधारताल में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। यहां उन्होंने गौमाता का पूजन भी किया। मध्यप्रदेश रिमांडर एवं वेटनरी स्कवाड्रन कमान के छात्रों ने राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

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राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में 504 छात्र-छात्राओं को उपाधि से विभूषित किया। इनमें 386 स्नातक स्तर के, 109 स्नातकोत्तर स्तर के एवं नौ पी.एचडी के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इस अवसर पर 8 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। 

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