संजीवनी टुडे

शाही स्नान के लिए नागा साधु व संतों की सेना तैयार

संजीवनी टुडे 14-01-2019 17:45:46


कुम्भनगरी। कुम्भ नगरी में सभी अखाड़ों के पहुंच जाने के बाद शाही स्नान का शंखनाद हो गया। लाखों की संख्या में नागा साधु सन्तों का काफिला हिन्दू परम्परा के अनुसार कुम्भ में स्नान करेगा। देश के सभी प्रान्तों से आए नागा साधु-सन्त शाही स्नान के लिए तैयार हैं। मंगलवार की सुबह शाही स्नान के लिए नागा साधुओं का काफिला संगत तट पर देखने लायक होगा। लाखों की संख्या में कुम्भ नगरी पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यह नजारा किसी दिव्य दर्शन से कम नहीं होगा।

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धर्म और समाज के रक्षक संत
इस दौरान पंचदशनाम जूना अखाड़ा के नागा स्वामी सावन भारती ने बताया कि गुजरात प्रान्त से उनका काफिला गाड़ियों द्वारा कुम्भ स्नान के लिए पहुंचा है। कुम्भ के दौरान पुरानी हिन्दू परम्परा चली आ रही है कि नागा सन्यासी पहले स्नान करते हैं। उसी परम्परा को निभाने के लिए हम यहां पर आये हैं। नागा संयासी हिन्दू धर्म की एक अलग फौज है। हिन्दू धर्म पर जब जब संकट आयेगा, तब तब ये सेना संकट से निपटने के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने अपने बारे में बताया कि हम बचपन से ही आश्रम में साधु सन्तों के बीच में रहे। उसी वक्त साधु सन्तों से अद्भुत ज्ञान मिलने लगा। इसके बाद मन में अलग उमंग जगने के कारण कम उम्र में ही सन्यासी बन गए। 

नागाओं के जीवन में आनंद नहीं
नागा के जीवन में आन्नद है ही नहीं। जो भी करना होता है वो निहस्वार्थ भाव से करना है। सोचना नहीं है कि इसके बदले में क्या लाभ होगा। इसलिए फल की चिन्ता नहीं करना है, कर्म करते जाना है। जब एक इन्सान साधु बनता है तो चार चीजें काम, क्रोध, मोह, लोभ का त्याग करना होता है। इसके लिए उसे दिग्मबर बनना पड़ता है। जो इन चारों चीजों पर जीत प्राप्त कर लेता है, तभी वो दिग्मबर बनता है। आगे कहा कि राजनीति के बारे में मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है। 

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पांच बजे से होगा शाही स्नान
मैं केवल भक्ति और भजन जानता हूं। इसके अलावा मैं कुछ भी नहीं कह सकता। कुम्भ के बारे में कहा कि हर छह साल पर हम आते रहते हैं और आगे भी आते रहेंगे। समय के अनुसार जैसी सुविधा मिलती है, उसे के हिसाब से काम चला लेंगे। हमारे संघ में लगभग चार पांच लाख नागा सन्यासी हैं। शाही स्नान में जब सेना निकलती है, उस दिन पता लगता है कि सेना की संख्या कितनी है। उन्होंने आगे कहा कि शाही स्नान के लिए सेना सुबह चार बजे निकल कर सुबह पांच बजे के बाद स्नान करेगी।

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