संजीवनी टुडे

सुश्री मायावती का सीएम योगी पर हमला, कहा- सरकार जनकल्याण हित के बजाय धार्मिक कर्मकाण्डों में ही ज्यादा समय लगा रही है

संजीवनी टुडे 19-03-2018 19:50:05


लखनऊ। बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती  ने उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को "एक साल, बुरी मिसाल" की संज्ञा देते हुये कहा कि यही कारण है कि गोरखपुर व फूलपुर के लोकसभा उपचुनाव में जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया है और इस प्रकार योगी सरकार के एक एक वर्ष के शासनकाल का आकलन करते हुये यहाँ की जनता ने उसे ज़ीरो अंक दिया है।

मायावती ने कहा कि योगी सरकार द्वारा अपने एक वर्ग का कार्यकाल पूरा करने के अवसर पर अपनी कथित उपलब्धियों का बयान करने के विरुद्ध अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने आज एक बयान में कहा कि प्रदेश की आमजनता से घोर वादाखिलाफी करने व उसे केवल लच्छेदार बातों में फुसलाने व धार्मिक उन्मादों में बहकाने की भूल करने का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी परम्परागत लोकसभा सीट भी गंवानी पड़ी है। इससे पहले शहरी निकाय के चुनाव में भी वे अपने मठ की सीट पर चुनाव हार गये थे। यह इस बात का प्रमाण है कि जनता को कभी भी मुर्ख नहीं समझना चाहिये और ना ही बार-बार उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश करनी चाहिये।

वैसे तो मुख्यमंत्री योगी की सरकार द्वारा एक वर्ष के भीतर सर्वसमाज के गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों व आमजनता के हित व कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय धार्मिक कर्मकाण्डों व पूजा-पाठ में ही ज्यादा समय लगाते रहे हैं और यह भूल गये कि खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की 22 करोड़ गरीब व पिछड़ी जनता के लिये सही नीयत व निष्ठा भाव से काम करना ही असली पूजा व सच्चा राजधर्म है।

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स्वयं बीजेपी के लोग भी अब यह कहने को मजबूर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपनी करनी के कारण ही बीजेपी की लुटियाँ यहाँ डूबी है।

उन्होंने कहा कि वैसे तो स्वयं बीजेपी के नेताओं द्वारा हज प्रदेश में हर हर स्तर पर अपराध नियंत्रण के फेल होने से भाजपा का जंगलराज व्याप्त है और बुनियादी विकास कार्य, धन के अभाव के कारण, ठप्प पड़े हैं। अपनी पार्टी के नेताओं पर दंगा आदि के आपराधिक मुकदमें वापस लेने की सरकारी मेहरबानी तथा दूसरे लोगों की सैंकड़ों एनकाउंटर में हत्या करके कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने का गलत प्रयास किया जा रहा है जिससे भी इस बीजेपी सरकार की पक्षपात व द्वेषपूर्ण नीति का पर्दाफाश होता है। वैसे भी जनता जानती है कि कानून के राजनीतिक व पक्षपातपूर्ण इस्तेमाल से कानून-व्यवस्था को पटरी पर कभी भी नही लाया जा सकता है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार भ्रष्टाचार उन्मूलन व कालाधन वापसी आदि के खास महत्व के मुद्दों पर पूरी तरह से फेल साबित हुई है और उसका पहला वर्ष खासकर किसानों को भूमिहीन बनाने वाले नये भूमि अधिग्रहण अध्यादेशों के कारण अत्यंत ही निराशाजनक रहा था, ठीक उसी प्रकार प्रदेश की श्री योगी सरकार भी किसानों की कर्जामाफी, गन्ना किसानों का बकाया, रोजगार व युवाओं व छात्रों के हित सम्बंधी वायदे तथा प्रदेश में विकास व सुरक्षा आदि के जनहिताय के मामलों में बुरी तरह से विफल साबित हुई है। उसका भी एक परिणाम लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार के रूप में देश के सामने आया है।

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योगी सरकार को आर.एस.एस व श्री नरेंद्र मोदी को खुश करने के लिये व्यर्थ काकाम करने की बजाय प्रदेश के 22 करोड़ गरीबों, मजदूरों व आमजनता के हित में सही कार्य प्रणाली के साथ काम करने की जरूरत है। अगर वास्तव में ऐसा हुआ होता तो उनके अपने गोरखपुर मेडिकल अस्पताल में गरीबों, दलितों व पिछड़ों आदि के सैंकड़ों मासूम बच्चे आवश्यक सुविधाओं के अभाव में दम नही तोड़ते और ना ही लोगों का आमजीवन वैसा त्रस्त होता जैसाकि आजकल प्रदेश में हर जगह हर स्तर पर बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नैतिकता के नाते अपने पद से इस्तीफ़ा देने की हद तक पहुँचा देने वाली गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में करारी हार के लिये अब विपक्ष को बार-बार कोसते रहने की बजाय श्री योगी सरकार को अपने पैतृक संगठन आर.एस.एस. के नफरत, जातिवाद व कट्टरवादी हिंदुत्व के तुष्टिकरण के एजेण्डे को छोड़कर भारत के सेक्यूलर संविधान की उसकी सही मंशा के हिसाब से लागू करने हेतु व्यापक जनहित में ज्यादा से ज्यादा समय व संसाधन लगाना चाहिये, ऐसा जनता ने इस उपचुनाव में उन्हें कड़ा सन्देश दिया है।

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