संजीवनी टुडे

मानसून ने दिखाई बेरुखी, सब्जियों ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट

संजीवनी टुडे 14-07-2019 15:35:15

सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है।


भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून के दस्तक देने के बाद लगातार चार-पांच दिन तक झमाझम बारिश हुई और पूरा प्रदेश पानी-पानी हो गया था। इस दौरान नदियां उफान पर चल रही थीं और मानसूनी बारिश से प्रदेश का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, लेकिन पिछले एक सप्ताह से आसमान में बादलों की आवाजाही तो लगी हुई है, मगर बारिश नहीं हुई। मानसून की इस बेरुखी ने जहां किसानों को चिंता में डाल दिया है, तो वहीं सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है।

राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में शुरुआती चार-पांच दिन अच्छी बारिश होने के बाद एक सप्ताह से मानसून रुठा हुआ है। रविवार को भी सुबह से आसमान में बादलों के बीच तीखी धूप निकली हुई है, जिससे लोग उमस से बेचैन हो रहे हैं। शुरुआती बारिश के बाद किसानों ने बोवनी कर दी है, लेकिन अब पानी नहीं गिरने और तेज धूप के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर एक सप्ताह और बारिश नहीं होती है, तो खेतों में लहलहा रहीं फसलें सूखने लगेंगी। 

हालांकि, मौसम विभाग ने इस साल प्रदेश में अच्छी बारिश और अगले दो से तीन दिन में पुन: मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई है। भोपाल मौसम केन्द्र के वैज्ञानिक एसके डे के अनुसार, मध्यप्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और दक्षिण मानसून के दोनों सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं। बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बन रहा है, इसलिए अगले दो-तीन दिन में प्रदेश में पुन- मानसून सक्रिय होने की संभावना है।

इधर, मानसून का असर बाजार भी देखने को मिल रहा है। सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंचने लगे हैं। 15 दिन पहले जो टमाटर 20 से 25 रुपये किलो बिकता था, उसके दाम अब 60 से 80 रुपये तक पहुंच गए हैं। अन्य सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है।

राजधानी भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजारों में 15 दिन पहले हरी मिर्च के दाम 60 रुपये थे, जो अब 100 रुपये में बिक रही है। इसी तरह बरबटी के दाम 40 से बढक़र 80 रुपये, 30 से 40 रुपये बिकने वाली गिलकी और भिंडी 60 से 70 रुपये हो गए हैं। वहीं, लौकी के दाम से 30 से बढक़र 50, परवल के 40 से 60, करेला के 40 से बढक़र 70 रुपये के आसपास पहुंच गए हैं। इसी प्रकार अन्य सब्जियों के दामों में भी उछाल आया है। आलू प्याज भी 15 दिन पहले 15 से 20 रुपये किलो बिक रहा है, जो अब बाजार में 25 से 30 रुपये किलो के भाव में बेचा जा रहा है। 

सब्जी व्यापारियों का मानना है कि पिछले माह भीषण गर्मी के चलते सब्जियां का उत्पादन कम हुआ है, जिसके चलते सब्जियां अन्य राज्यों से मंगानी पड़ रही हैं, इसलिए उनके दामों में उछाल आया है। सब्जी कारोबारी मो. सलीम खान के बताया कि गिलकी, हरी धनिया, पालक, करेला को छोड़कर अन्य सब्जियां दूसरे राज्यों से यहां पहुंच रही हैं। 

जबकि सब्जी व्यापारी राजेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि मध्यप्रदेश में सब्जियों का उत्पादन नहीं हो रहा है, इसलिए मंडियों में उनकी आवक कम हुई है और आवक कम होने से दाम बढ़ रहे हैं। खासकर टमाटर पड़ौसी राज्यों राजस्थान और महाराष्ट्र से मंगाना पड़ रहा है, जिसके कारण उसके दाम दो गुने हो गए हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

 

More From state

Trending Now