संजीवनी टुडे

संशोधित : मेवात में शिक्षा के नाम ठगा रहा है अभिभावकों को

संजीवनी टुडे 10-04-2019 16:52:49


नूंह। प्रदेश शिक्षा विभाग के साफ निर्देशों के बावजूद मेवात के शिक्षा मंदिरों में दुकानें जमकर चल रही हैं। मेवात के कमोबेश हर प्राईवेट स्कूल में स्कूली बच्चों को बुक तथा ड्रैस खुद के द्वारा दी जा रही हैं। इसके लिए या तो स्कूलों ने अपने खुद के परिसर में ही एक ब्लॉक बना रखा है। या फिर कुछ स्कूलों ने अपने वितरक मार्कीट में बैठा दिए हैं। 

न चाहते हुए भी अभिभावकों को सिलेबस की बुक तथा कॉपियां स्कूल से ही लेनी पड़ रही हैं। जिन पर लोगों की गाढ़ी कमाई का मोटा हिस्सा खर्च हो रहा है। ऐसा नहीं है कि स्कूल संचालकों शिक्षा विभाग के आदेशों का ज्ञान न हो। लेकिन इसके बावजूद भी जिले के प्राईवेट स्कूल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। यहां तक कि स्कूलों द्वारा बुक्स का स्टॉक खत्म होने की बात कह कर अभिभावकों से उन्हें निर्धारित तारीख तक खरीद लेने का दबाव भी डाला जा रहा है। 

खास बात यह है कि अधिकांश स्कूलों की बुक निजी प्रकाशकों की हैं। शिक्षा के नाम पर चल रहे इस व्यवसाय को रोकने के लिए प्रदेश शिक्षा विभाग ने हाल ही में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के लिए लेटर जारी कर निर्देश दिया था कि स्कूलों को ऐसा करने से रोकें। 

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आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी स्कूल अपने परिसर में बुक, स्टेशनरी या ड्रेस नहीं बेच सकता। इसके अलावा कोई भी स्कूल अपनी बुक्स या ड्रेस किसी दुकान विशेष से खरीदने के लिए दबाव भी नहीं डाल सकता। हालांकि सरकार के आदेश मेवात में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।

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स्कूलों की करेंगे जांच:

डीईईओ नूंह कपिल पुनिया ने कहा कि सरकार के साफ निर्देश हैं कि स्कूलों में बुक्स, स्टेशनरी या डे्रस नहीं बेची जाएगी। यदि ऐसा हो रहा है कि स्कूलों पर छापा मार कर जांच की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।

 

 

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