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मिशन 2019 : पश्चिम बंगाल में राम मंदिर और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को भुनाने की जुगत में भगवा ब्रिगेड

संजीवनी टुडे 08-11-2018 18:20:00


कोलकाता। 2019 के लोकसभा चुनाव में महज चंद महीने ही बाकी रह गए हैं। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने अपने गढ़ को बचाए रखने और भाजपा की बढ़त को रोकने के लिए जनवरी 2019 में होने वाली ब्रिगेड परेड की महारैली की तैयारियां तेज कर दी है तो दूसरी ओर इस महासमर में भाजपा को मजबूत करने के लिए बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों ने भी कमर कस ली है। 

विश्व हिंदू परिषद ने तो लोकसभा चुनाव से पहले राज्य के सभी 42 लोकसभा केंद्रों में हिंदू महासम्मेलन करने की घोषणा पहले ही कर दी थी अब बजरंग दल ने भी अपने प्रशिक्षण शिविर से राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण सुनिश्चित करने की शपथ ली है। संगठन के सूत्रों के हवाले से गुरुवार को बताया गया है कि दीपावली से पहले बजरंग दल का प्रशिक्षण शिविर शुरू संपन्न हुआ है जिसमें भाग लेने वाले सभी युवा बजरंगियों ने पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व की कुंद पड़ चुकी धार को तेज करने और युवाओं को अधिक से अधिक अपनी मुहिम से जोड़ने के लिए 2019 से पहले गली-गली में विभिन्न कार्यक्रम आयोजन करने का निर्णय लिया है। 

इसके अलावा सोशल साइट और अन्य जरिए से भी व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के बारे में फैसला लिया गया है। इस प्रशिक्षण शिविर में नारा दिया गया है कि पश्चिम बंगाल को बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त कराया जाएगा। इसके साथ ही जो लोग भी हिंदुत्व के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं उनके विरुद्ध व्यापक आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इसके लिए बजरंग दल ने प्रत्येक इलाके में जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया है। 18 नवंबर को गीता जयंती है और इस मौके पर संगठन की ओर से राज्य के कई इलाकों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमें बड़े पैमाने पर युवाओं को आमंत्रित कर धर्म रक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

गौर करने वाली बात है कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बंगाल फतह के लक्ष्य से सभी 42 लोकसभा केंद्रों में रथयात्रा के जरिए जनसंपर्क की रणनीति बनाई है। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, हिंदुत्व के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ, राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद ने भी इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलन करने की घोषणा पहले ही कर दी है। अब बजरंग दल की ओर से भी राज्य भर में धर्म जागरण के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम इस बात के संकेत है कि लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक घमासान काफी दिलचस्प होने वाला है।

उधर तृणमूल कांग्रेस ने 19 जनवरी को ब्रिगेड परेड मैदान में होने वाली पार्टी की महारैली की तैयारियां तेज कर दी है जिसमें भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन की रूपरेखा तैयार होगी।इसके अलावा वामपंथियों ने भी छह दिसंबर को बाबरी विध्वंस दिवस की बरसी पर काला दिवस मनाने के साथ ही लोकसभा चुनाव का बिगुल भाजपा के खिलाफ फूंकने की घोषणा कर दी है। इसके बाद पार्टी की ओर से तीन जिलों में किसानों की रैली निकाली जाएगी और फरवरी महीने में ब्रिगेड परेड मैदान में महा समावेश की घोषणा की गई है।


कांग्रेस ने भी नवंबर महीने के मध्य से ही प्रत्येक ब्लॉक पर बूथ स्तर से लेकर घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाने और पार्टी के लिए फंड एकत्रित करने का निर्णय लिया है। इस घर घर संपर्क अभियान के दौरान भाजपा के खिलाफ प्रचार प्रसार किया जाएगा।

कुल मिलाकर कहां जाए तो 2019 के महासमर में एक ओर जहां भगवा ब्रिगेड कूद पड़ा है तो दूसरी और सत्तारूढ़ तृणमूल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने भाजपा के खिलाफ लामबंद होकर राजनीतिक समर का बिगुल बजा दिया है। 2019 के कुरुक्षेत्र में जीत हार के फैसले में पश्चिम बंगाल की भूमिका अहम होने वाली है। 

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