संजीवनी टुडे

सात दिनों बाद बरामद हुए लापता डिप्टी मजिस्ट्रेट, नहीं हुआ रहस्योद्घाटन

संजीवनी टुडे 25-04-2019 22:30:10


कोलकाता। नदिया जिले के राणाघाट संसदीय क्षेत्र में ईवीएम और वीवीपैट के लिए तैनात किए गए नोडल अधिकारी डब्ल्यूबीसीएस अर्णव राय को लापता होने के एक सप्ताह बाद गुरुवार सुबह सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। उनकी तलाश में जुटी राज्य सीआईडी की टीम ने मोबाइल सर्विलेंस के जरिए गुरुवार सुबह उन्हें हावड़ा स्टेशन के पास से सुरक्षित बरामद किया है। हालांकि सुबह के समय उनकी बरामदगी के बाद गुरुवार देर रात तक उनके लापता होने और उसके पीछे की वजह के बारे में रहस्योद्घाटन नहीं हो सका है। ना तो जिला प्रशासन और ना ही चुनाव आयोग ने कुछ भी साफ किया है। राज्य सीआईडी के डीआईजी निशात परवेज ने कहा कि

वे मिल गए हैं। वे ठीक हैं। हमने हावड़ा स्टेशन से उनके टावर लोकेशन को ट्रेस कर उन्हें बरामद किया है। सूत्रों के अनुसार, अर्णव राय अपने परिवार के साथ संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उनके लापता होने के पीछे रहस्य बना हुआ है। राय जिला कलेक्ट्रेट मुख्यालय कृष्णानगर से दूसरे चरण के चुनाव के दौरान 18 अप्रैल को लापता हो गए थे। राय बंगाल पुलिस में डीएसपी रैंक के अधिकारी निर्मल जश के दामाद हैं और उनकी शादी अनीशा जश से हुई है, जो नदिया जिले में डिप्टी मजिस्ट्रेट भी हैं। निर्मल जश ने बुधवार को कहा था कि हमारा एकमात्र उद्देश्य उन्हें वापस लाना है।

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19 अप्रैल को, नोडल अधिकारी के लापता होने पर पत्रकारों से बात करते हुए, पश्चिम बंगाल के लिए विशेष पर्यवेक्षक अजय वी. नायक ने कहा था कि उनका गायब होना चुनावों से संबंधित नहीं था और वह शायद "व्यक्तिगत मुद्दे" के कारण तनाव में थे। उनकी अनुपस्थिति में, एक अन्य अधिकारी को प्रभार दिया गया था। अर्णव के लापता होने पर नायक के बयान के बाद, अगले दिन राय की पत्नी अनिशा जश ने अपने फेसबुक पोस्ट पर पति के तनाव में रहने और गायब होने के पीछे पारिवारिक वजह के चुनाव आयोग के सिद्धांत को नकार दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके और उनके पति के बीच संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं और वह किसी तरह के तनाव में नहीं थे। इस बीच, मतदान अधिकारियों के लिए काम करने वाले संगठन ने आज नादिया में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

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पुलिस के अनुसार, लापता होने से पहले राय को नादिया जिले के कृष्णानगर में बिप्रदास चौधरी पॉलिटेक्निक कॉलेज में देखा गया था। उनके सेलफोन पर आखिरी टावर लोकेशन पॉलिटेक्निक कॉलेज से लगभग 18 किलोमीटर दूर एक इलाके शांतिपुर में दिखाई दी थी। उनके गायब होने के बाद एक सबसे बड़ा रहस्य सामने आया था पता चला था कि आसपास का 700 सीसीटीवी कैमरा पूरी तरह से खराब हो गया था। अब उनकी बरामदगी के बाद इस पूरे रहस्य को सुलझाने में पुलिस जुट गई है। 

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