संजीवनी टुडे

वाराणसी में ‘भरत मिलाप’ के मंचन में उमड़ा जनसैलाब

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 09-10-2019 21:47:04

भरत एवं शत्रुघ्न से मिलन के चंद मिनटों का मंचन देखने लाखों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।


वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी के नाटी इमली में बुधवार को विश्वप्रसिद्ध ‘भरत मिलाप’ का आयोजन पारंपरिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम एवं लक्ष्मण के 14 वर्षों के वानवास के दौरान बुराई के प्रतिक रावण के वध के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या लौटने तथा उनके अपने भाईयों - भरत एवं शत्रुघ्न से मिलन के चंद मिनटों का मंचन देखने लाखों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चित्रकूट रामलीला समिति द्वारा किया गया। यादव बंधुओं ने भगवान श्री राम के रथ को अपने कंधे पर रखकर अयोध्या रुपी बडा गणेश स्थान पर पहुंचाया।

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मान्यता है कि श्री संत तुलसी दास की प्रेरणा से उनके समकालीन संत मेधा भगत ने गोधूलि बेला में ‘भरत मिलाप’ का आयोजन 475 वर्ष किया था और तभी से उस परंपरा का निर्वहन यहां के लोग धार्मिक आस्था से करते आ रहे हैं। यह आयोजन विजयादशमी के अगले दिन करने की परंपरा है।

विश्व प्रसिद्ध 476वें वर्ष के ‘भरत मिलाप’ लीला में पुष्पक विमान से भगवान राम के अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ लौटने के दृश्य का मंचन किया गया। परंपरा के अनुसार काशी राज परिवार की ओर से अनंत सिंह हाथी पर सवार होकर पहुंचे तथा भगवान के पुष्पक विमान का परिक्रमा कर नेग किया।

नाटी इमली के भरत मिलाप मैदान की ओर जाने वाली तमाम सड़कों और आसपास के मकानों पर चारों तरफ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हमेशा की तरह मौजूद थी। वह मात्र पांच मिनटों के दृश्य देखने के लिए घंटों इंतजार करती रही। कड़ी सुरक्षा के बीच मंचन हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग की थी तथा जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात किये गए थे।

श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और मां सीता के अलावा उनकी वानरी सेना के हजारों किलो वजनी रथ को यदुवंशी समाज ने ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए श्रद्धा भक्ति के साथ अपने कंधों पर नाटी इमली से बड़ा गणेश (अयोध्या) पहुंचाया। परंपरा के अनुसार यादव बंधु सफेद पोशाक एवं लाल टोपी पहनकर रथ को गणतव्य तक पहुंचाया।

रथ ढोने वाले बहुत से यादव बंधुओं ने अपने परंपरिक पोशोक के साथ इस बार अपनी बाहों में काली पट्टी बांधकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रति अपना विरोध प्रकट किया। उनका आरोप है कि आरोप है यह विरोध झांसी में पुष्पेंद्र यादव समेत राज्य में अब तक बड़ी संख्या में यादव बंधुओं को अपराधिक बताकर फर्जी मुठभेड़ में पुलिस ने मार दिया। यह बेहद दुभाग्यपूर्ण स्थिति है और सरकार इस मामले में न्याय नहीं कर रही है।

भरत मिलाप मंचन के दौरान ‘जय जय श्रीराम’ और हर-हर महादेव के जयकारों से आकाश गुंजायमान हुआ। भरत मिलाप मैदान से बड़ा गणेश तक भगवान राम के रथ पर लोगों पुष्प वर्षा किया।

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