संजीवनी टुडे

हमीरपुर में कई करोड़ की पेयजल योजनाओं के बाद भी खारे पानी से निजात नहीं

संजीवनी टुडे 14-01-2019 15:45:35


हमीरपुर। हमीरपुर जिले में आजादी के सत्तर साल बीतने के बावजूद पांच दर्जन से अधिक गांवों के बाशिन्दे आज भी खारा पानी (दूषित जल) पीने को मजबूर हैं। खारा पानी से प्रभावित सर्वाधिक ग्राम मौदहा क्षेत्र में है, जहां करोड़ों की पेयजल योजनाएं जमीन पर लाने के बाद भी खारे पानी से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। नागरिक दूषित जन के सेवन से अब बीमार भी पड़ने लगे हैं। 

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पीनी की तरह बहाया पैसा फिर भी...
जिले के मौदहा क्षेत्र के कपसा, बक्छा, गुसियारी, छानी, इचौली, नायकपुरवा, करहिया, खण्डेह, टिकरी, रतौली, भैसमरी सहित अन्य कई गांव खारा पानी से प्रभावित है, जबकि कुरारा क्षेत्र के जल्ला, ककरूऊ, शिवनी, जखेला, डामर, मनकी खुर्द, मनकी कला, व उजनेड़ी सहित कई गांवों के हजारों लोग मीठे पानी को तरस रहे है। बैजेमऊ-इस्लामपुर व राठ क्षेत्र के तमाम ग्राम भी खारा पानी से प्रभावित है। मौदहा क्षेत्र के खण्डेह गांव में करीब साढ़े तीन करोड़ की खण्डेह पेयजल जल निगम ने कई साल पहले तैयार की थी, इसमें अभी तक करोड़ों की धनराशि भी खर्च हो गई। इसके बावजूद खंडेह और आसपास के इलाके पानी के संकट से निजात नहीं पा सके।

कई गांवों में खारा पानी की समस्या को देखते हुये खण्डेह पेयजल योजना बनायी गई है, लेकिन यह पेयजल योजना भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। जल निगम से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ साल पहले जिले में ऐसे करीब 60 गांवों की सूची तैयार करायी गई थी, जो खारा पानी से प्रभावित है। इनमें सबसे ज्यादा खारा पानी की समस्या से प्रभावित मौदहा तहसील क्षेत्र के कपसा, गुसियारी, इचौली, नायकपुरवा, भैसमरी व नायकपुरवा गांव शामिल है। इन गांवों के कम से कम तीस हजार की आबादी अभी भी खारा पानी पीने को मजबूर है।

गुसियारी गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि असरार अहमद ने सोमवार को बताया कि पूरा गांव पानी के संकट से जूझ रहा है। खारा पानी भी पीने लायक नहीं है। पेयजल समस्या को लेकर जलनिगम ने पेयजल योजना तैयार की है, लेकिन अभी कार्य प्रारम्भ नहीं कराए जा रहे हैं। गांव के लोग दूर-दराज से पानी लाने के लिये जद्दोजहद कर रहे हैं। इसी तरह की समस्या कपसा, इचौली, नायकपुरवा, व फत्तेपुरवा सहित कई इलाकों में है। पानी के लिये ग्रामीण सब काम छोड़कर मीठे पानी की जुगाड़ में कई किमी दूर कुओं से पानी भरने को विवश है। बैलगाड़ी व अन्य साधनों से लोग पानी ढोकर घर लाते है। 

प्रशासनिक उपेक्षा से करोड़ों की योजना बेकार 
मौदहा क्षेत्र के छानी, बक्छा, गुसियारी, फत्तेपुर, इचौली, नायकपुरा व कपसा गांवों के लिये विश्व बैंक की मदद से केन नदी के भूरागढ़ के पास कई करोड़ की लागत से ग्राम समूह पेयजल योजना बनायी गई थी, पर ये फेल हो गयी थी। जल निगम ने एक दशक पूर्व कपसा, गुसियारी, सिजवाही में ग्राम समूह पेयजल योजना शुरू कराई, तीन नलकूप बनाये गये। पानी की टंकी बनाकर कपसा गांव तक जलापूर्ति की गयी मगर गुसियारी तक पानी नहीं पहुंचा। 

इस योजना के भी दोनों नलकूप फेल हो गये। पानी की किल्लत को लेकर फिर दो नये नलकूप बनाये गये। भूमिगत जलाशय बनाकर टंकी भरने एवं कपसा में जलापूर्ति करने के दावे किये गये, लेकिन यह प्लान भी फेल हो गया। जलनिगम ने फिर रणनीति बदली और करोड़ों की लागत से एक नयी पेयजल योजना बनाकर कार्य प्रारम्भ कराया है। इचौली में दो नये नलकूप बनाये गये है किन्तु पूरे गांव में जलापूर्ति नहीं हो सकी। 

पेयजल योजनाओं में खर्च होंगे चार करोड़
जल निगम हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता कमलेश सिंह ने सोमवार को दोपहर बताया कि जिले के मौदहा तहसील क्षेत्र के नायकपुरवा, भैसमरी, कपसा व गुसियारी आदि गांवों में पेयजल योजनायें बनाई जा चुकी है। चार करोड़ से अधिक की लागत की इन पेयजल योजनाओं से गांवों में जलापूर्ति कराने के लिये कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। नायकपुरवा व भैसमरी में नलकूप बोर कराने का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंडेह गांव में कई करोड़ की लागत की पेयजल योजना का कार्य पूर्ण करा दिया गया है। इस पेयजल योजना से गांव में जलापूर्ति करायी जा रही है। 

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अधिशाषी अभियंता ने बताया कि आने वाले समय में इस क्षेत्र के चारों गांवों को पीने का पानी मिलेगा। इसके लिये तेजी से कार्य कराये जा रहे है। अधिशाषी अभियंता जलनिगम ने बताया कि खारा पानी की समस्या जनपद के तमाम गांवों में है इसके लिये कार्ययोजना बनायी जाएगी।

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