संजीवनी टुडे

तृणमूल के निर्देश पर आम लोगों की हत्या कर रही ममता की पुलिस : अहलूवालिया

संजीवनी टुडे 22-06-2019 17:19:34

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उत्तर 24 परगना के हिंसा ग्रस्त भाटपाड़ा क्षेत्र का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दुर्गापुर-बर्दवान के भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने किया है


कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को उत्तर 24 परगना के हिंसा ग्रस्त भाटपाड़ा क्षेत्र का दौरा   किया। प्रतिनिधिमंडल का  नेतृत्व दुर्गापुर-बर्दवान के भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने किया है। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह और सांसद बीडी राम भी मौजूद थे। गत गुरुवार को यहां हुई हिंसा में मारे गए रामबाबू साव और धर्मवीर साव के परिजनों से मुलाकात करने के बाद अहलूवालिया ने मीडिया से बात की। 

उन्होंने कहा कि पूरे इलाके की परिस्थिति देखने और स्थानीय लोगों से बातचीत करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस ने गोली मारकर दोनों निर्दोष लोगों की हत्या की है। पूरे क्षेत्र में विगत एक महीने से जारी हिंसा के लिए उन्होंने राज्य प्रशासन और तृणमूल सरकार को दोषी ठहराया। अहलूवालिया ने कहा कि रामबाबू और धर्मवीर किसी तरह के आंदोलन में शामिल नहीं थे। पुलिस ने उन्हें घर से निकाल कर गोली मारी है। उन्होंने कहा, "पुलिस कह रही है कि हवा में फायरिंग की गई थी तो क्या रामबाबू और धर्मवीर हवा में उड़ रहे थे?" अहलूवालिया ने दावा किया कि पुलिस ने एकदम करीब से दोनों को गोली मारी है।

 उन्होंने कहा, "तृणमूल कांग्रेस यहां चुनाव हार चुकी है इसीलिए पुलिस को साथ लेकर स्थानीय लोगों से लड़ रही है। लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है।" उन्होंने कहा कि पुलिस को फायरिंग का निर्देश किसने दिया, किसके कहने पर हत्या की गई, इसकी गहन जांच  की जरूरत है। अहलूवालिया ने कहा कि पूरी परिस्थिति का आकलन किया गया है।

इसकी रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपी जाएगी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की है  उन्हें हर तरह की मदद  का आश्वासन  दिया। गोली चलाने की घटना की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन भी प्रतिनिधिमंडल की ओर से मिला है। 

इस दौरान  मृतक के परिजनों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि दिन भर काम करके रामबाबू और धर्मवीर अपने-अपने परिवार का खर्च चलाते थे। अब रोजी-रोटी की व्यवस्था कैसे होगी, इसे लेकर चिंता गहरा गई है। मारे गए लोगों के परिजनों ने बताया है कि जब हिंसा भड़की थी तब दोनों घर के अंदर थे। पुलिस घर में घुस गई थी और उन्हें जबरदस्ती बाहर निकालकर गोली मारी गई है। 

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को हुई हिंसा के बाद राज्य सरकार ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त तन्मय राय चौधरी को पद से हटा दिया था और उनकी जगह पर मनोज वर्मा को बैरकपुर पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।  गुरुवार को हुई हिंसा के तीन दिन बाद भी क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं हैं। 

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