संजीवनी टुडे

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पूर्णकालिक अध्यक्ष से महरुम

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 06-12-2019 11:48:09

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से अपने पूर्णकालिक अध्यक्ष से महरुम है।


अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से अपने पूर्णकालिक अध्यक्ष से महरुम है। बोर्ड में भी राजनीतिक नियुक्तियों के तहत किसी शिक्षाविद् को लगाए जाने की परंपरा रही है। वर्तमान में राजनीतिक नियुक्तियां अब पंचायत चुनाव के बाद होने के संकेत मिलने से यह बात साफ हो गई है कि बोर्ड को अभी कुछ महीने और पूर्णकालिक अध्यक्ष से वंचित रहना पड़ेगा। हालांकि आईएएस अधिकारी हिमांशु गुप्ता बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष है, जिन्हें सरकार ने गत सप्ताह ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर के पद पर लगाया है।

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अब तक बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष का दायित्व नथमल डिडेल ने संभाला जिन्हें अब सरकार ने भरतपुर का जिला कलेक्टर बना दिया। डिडेल ने बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष 14 नवंबर 2018 को संभाला था। बोर्ड का अध्यक्ष पद अक्टूबर 2018 से रिक्त चल रहा है, बी एल चौधरी के कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली है। बोर्ड में डॉ. पी सी व्यास एवं डॉ. सुभाष गर्ग जैसे शिक्षाविद भी कार्य संभाल चुके हैं। डॉ. गर्ग गहलोत मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री है।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड में अध्यक्ष के बिना भी पूरी कार्य कुशलता के साथ परीक्षाओं से लेकर के सभी काम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं जिसका श्रेय बोर्ड की सचिव मेघना चौधरी को जाता है। वरिष्ठ आरएएस चौधरी बोर्ड में सचिव का दायित्व सकुशल निभाते हुए बोर्ड के चौतरफा कामों को सफलतापूर्वक अंजाम दे रही है। इन दिनों बोर्ड के मुख्य भवन के पीछे की ओर से बोर्ड के राजीव गांधी सभागार भवन की ओर रेलवे की तर्ज पर फुट ओवर ब्रिज बनाने का काम भी किया जा रहा है जो दोनों भवनों को जोड़ेगा और बोर्ड में आने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।

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इतना ही नहीं बोर्ड के इतिहास में पहली बार अगले वर्ष होने वाली परीक्षाओं में पचास हजार ज्यादा छात्राओं की परीक्षार्थी के रूप में पंजीयन हुआ है जिसे रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है। गतवर्ष 2019 में 8 लाख 66 हजार 426 छात्राओं ने परीक्षा दी थी तो इस बार वर्ष 2020 के लिए 9 लाख 16 हजार 513 छात्राएं पंजीकृत की गई है जो कि छात्रों से ज्यादा है और बोर्ड के लिए नया रिकॉर्ड है।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड में पहली बार दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएं अगले वर्ष 20 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही है जिसके लिए बोर्ड प्रबंधन अभी से युद्धस्तर पर तैयारी कर रहा है।

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