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लॉकडाउन : पश्चिम रेलवे ने 18.23 लाख प्रवासी मजदूरों को पहुंचाया उनके गृहनगर

संजीवनी टुडे 03-06-2020 08:43:52

लॉकडाउन के कारण देश के बड़े शहरों में अटके हुए श्रमिकों को उनके गृहनगर पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के भारतीय रेलवे के फैसले से लाखों प्रवासी मजदूर और उनके परिवार लाभान्वित हुए हैं।


मुंबई । लॉकडाउन के कारण देश के बड़े शहरों में अटके हुए श्रमिकों को उनके गृहनगर पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के भारतीय रेलवे के फैसले से लाखों प्रवासी मजदूर और उनके परिवार लाभान्वित हुए हैं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों को  विभिन्न क्षेत्रीय रेलों द्वारा देश के विभिन्न स्टेशनों से परिचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में  पश्चिम रेलवे ने भी 2 मई, 2020 से 1 जून, 2020 तक 1214 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन कर 18.23 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को उनके वांछित गंतव्यों तक पहुंचाया है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर के अनुसार इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में से 686 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, 274 बिहार, 94  उड़ीसा, 31  मध्य प्रदेश, 42  झारखंड,16  छत्तीसगढ़, 9 राजस्थान, 6  उत्तराखंड, 35 पश्चिम बंगाल और 4 गुजरात के लिए चलाई गईं। कुछ श्रमिक विशेष ट्रेनें मणिपुर, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, असम और महाराष्ट्र के लिए भी चलाई गईं। इन ट्रेनों के ज़रिये 2 मई, 2020 से 1 जून, 2020 तक देश के विभिन्न राज्यों में 18.23 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गृहनगरों तक पहुंचाया गया है।

भाकर ने बताया कि इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ने प्रवासी मजदूरों और उनके  परिवारों की तेज़ी से आवाजाही में उल्लेखनीय मदद की है। 1 जून, 2020 को पश्चिम रेलवे से 5 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें 3 गुजरात से और 2 महाराष्ट्र से चलीं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में, 4 ट्रेनें पश्चिम बंगाल और एक असम के लिए थीं। इनमें से, मुंबई डिवीजन ने 4 ट्रेनों का संचालन किया, जिनमें 2 ट्रेनें  पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय खंड से चलाई गईं। इनमें बोरीवली स्टेशन और बांद्रा टर्मिनस से एक-एक ट्रेन चलाई गई। 

3 मई से 1 जून, 2020 तक, कुल 181 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें मुंबई उपनगरीय खंड से छोड़ी गई हैं, जिनमें बांद्रा टर्मिनस से 65 श्रमिक विशेष ट्रेनें, बोरीवली से 71, वसई रोड से 31, दहानू रोड से 2 और पालघर स्टेशन से 12 ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों को गोरखपुर, जौनपुर, गोंडा, वाराणसी, प्रतापगढ़, भागलपुर, प्रयागराज, दरभंगा, दानापुर, हावड़ा आदि के लिए रवाना किया गया। इन विशेष रेलगाड़ियों का संचालन सामाजिक सुरक्षा के मानदंडों को बनाये रखने के साथ किया जा रहा है, वहीं यात्रियों की उचित थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान यात्रियों को निःशुल्क भोजन और पैकेज्ड पेयजल भी दिया जा रहा है।

अत्यावश्यक सामग्री का परिवहन :
भाकर ने बताया कि 22 मार्च से 1 जून, 2020 तक, मालगाड़ियों के कुल 5210 रेकों का इस्तेमाल 10.75 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 10,254 मालगाड़ियों को अन्य रेलवे के साथ जोड़ा गया, जिनमें 5167 ट्रेनें सौंपी गईं और 5087 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंटों पर लिया गया। पार्सल वैन / रेलवे मिल्क टैंकर (आरएमटी) के 301 मिलेनियम पार्सल रेकों को आवश्यक सामग्री जैसे दूध पाउडर, तरल दूध, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांगों का सामना करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया। 

गौरतलब है कि 23 मार्च से 31 मई 2020 के दौरान लॉकडाउन की अवधि में, 47,000 टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 299 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से ले जाया गया, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल रहे। इस परिवहन के माध्यम से उत्पन्न आय, लगभग 14.91 करोड़ रु. रही है। इस परिवहन के तहत, पश्चिम रेलवे द्वारा  दूध की 36 विशेष रेलगाड़ियां चलाई गईं, जिनमें 26 हजार टन से अधिक का भार था और वैगनों के 100% उपयोग से लगभग 4.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी तरह, 259 कोविद -19 पार्सल विशेष ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व 9.56 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इनके अलावा, लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। 

उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित सम्पूर्ण पश्चिम रेलवे पर लॉकडाउन के कारण कुल कमाई का अनुमानित नुकसान 1135.31 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 299.10 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 141.51 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 45.81 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी धनवापसी राशि प्राप्त की है।

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