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कोरोना के लॉकडाउन से दैनिक मजदूरों की जिंदगी हुई Lock

संजीवनी टुडे 04-04-2020 19:09:29

वैश्विक कोरोना महामारी से युद्ध लड़ रहे देश में जारी लाक डाउन को जिले में हर तबका खुले दिल से समर्थन कर रहा है। दूसरी ओर, लाक डाउन के ग्यारहवें दिन जिले के ठेके-पट्टे पर मजदूरी करनेवाले दैनिक मजदूरों की जिन्दगी बद से बदतर हो गई है ।


मुंगेर। वैश्विक कोरोना महामारी से युद्ध लड़ रहे देश में जारी लाक डाउन को जिले में हर तबका खुले दिल से समर्थन कर रहा है। दूसरी ओर, लाक डाउन के ग्यारहवें दिन जिले के ठेके-पट्टे पर मजदूरी करनेवाले दैनिक मजदूरों की जिन्दगी बद से बदतर हो गई है ।

मुंगेर जिले के सदर प्रखंड के सीताकुण्ड हसनपुर गांव की 45 वर्षीय शांता देवी की जिन्दगी लाक डाउन के पूर्व किसी प्रकार ठीक-ठाक चल रही थी । उसके तीन पुत्र फरीदाबाद के वल्लभगढ़ में निजी कारखाना में दैनिक मजदूरी कर रहे थे । 

तीन बेटे मिलकर प्रतिमाह अपने पिता और मां के लिए तीन ,तो कभी चार हजार रुपया भेज दिया करते थे । लाक डाउन में तीनों बेटे बेरोजगार हो गए हैं । बेटों से रुपया आना बन्द हो गया है । 

आय बन्द होने से वह उधार में गोबर का गोयठा लाकर खाना बनाती है और घर के सभी सदस्यों के पेट की आग बुझा रही है । सीताकुण्ड हसनपुर गांव की पानी-पूड़ी बेचने वाली 46 वर्षीय प्रतिमा देवी कहती है कि लाक डाउन में उसकी जिन्दगी की गाड़ी का लाक डाउन हो गया है । वह कहती है कि उसकी पानी-पूड़ी की दुकान बन्द है । रोज की आमदनी बन्द है । 

सरकारी राशन की दुकान से मिले गेहूं और चावल से घर के सदस्यों को भोजन मिल रहा है । सरकारी अनाज उनके परिवार के लिए संजीवनी-बूटी के सामान काम कर रहा है । उनके पास अतिरिक्त पैसा नहीं है कि घर के बाल-बच्चों को हरी सब्जी बनाकर खिला सकूं । 

उनके पति बहरे हैं और किसी काम के लायक नहीं हैं । मुंगेर शहर के गुमटी नं0-03 की विधवा अकबरी खातून जो चाकलेट और बिस्कुट की दुकान चलाती है, कहती है कि लाक डाउन में उसकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो रही है । लाक डाउन में ग्राहक नहीं आ रहे हैं । इनकम बन्द है । उनके घर का अनाज खत्म होने जा रहा है । वह भविष्य के अनाज संकट से बेहद डरी है । 

सीताकुण्ड हसनपुर के दैनिक मजदूर बलदेव तांती, अर्पित कुमार और रंधीर मंडल की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है । उनके रोजगार खत्म हो गऐ हैं । लाक डाउन में उनके घरों की आमदनी पूरी तरह बन्द है । उनलोगों ने लाकडाउन की स्थिति में अविलंब अनाज मुहैय्या कराने की मांग सरकार से की है । उनका कहना है कि सरकारी दुकान से मिला अनाज पर्याप्त नहीं है । 

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