संजीवनी टुडे

स्थानीय बहाई आध्यात्मिक सभा जयपुर ने मनाया,175 वें नववर्ष का उत्सव

संजीवनी टुडे 20-03-2018 21:25:25

जयपुर। स्थानीय बहाई आध्यात्मिक सभा की ओर से आज संध्या पर बापू नगर स्थित बहाई हाउस में 175 वे नववर्ष (बहाई नवरूज) का उत्सव मनाया गया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न भाषाओं मे की गई प्रार्थनाओं से हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे युवाओं द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सहार हगीगत अनवरी ने बहाई नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह वो समय है जब प्रकृति मे एक नई जान फूँक दि गई हैं । प्रकृति हरीतिमा की चादर ओढ़ने की ओर अग्रसर होती है नई फसलों का आगमन होता है तथा पशुओं मे दुग्ध उत्पादन बढ़ जाता हैं।

सहार ने बताया कि यह दिन पूरे बहाई जगत के लिए विशेष है  क्योकी इसी दिन सम्पुर्ण बहाई जगत 19 दिन के उपवास पूरे कर नये वर्ष मे प्रवेश करते है। 19 वें महिनें का नाम आला अर्थात 'दिव्यात्मा बाब' है व प्रथम महिने का नाम बहा यानी युगावतार 'बहाउल्लाह' के नाम पर है । 

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गौरतलब है कि बहाई धर्म में 19 महिनों का एक वर्ष तथा 19 दिनों का एक महिना होता है, जिसका आखिरी महिने का नाम अाला (उच्चता) है। इसी महिने मे बहाई अनुयायी पुरे 19 दिन उपवास रखते है, तत्पश्चात 'बहा ' की पहली तारीख को नववर्ष का आयोजन पूरी दुनिया में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में यह रहा खास

रश्मि के द्वारा प्रस्तुत एकल नृत्य पर दर्शक झुमने पर मजबूर हुऐ वही वर्षा,धोली व प्रेमलता ने ओढंनी ओढु तो उड़- उड़ जाए राजस्थानी गाने पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की तालीयां बटोरी साथ ही साथ युवाओं द्वारा एक सामूहिक भजन 'गगन तुम्हारा चमन तुम्हारा' प्रस्तुत किया गया। नियाज आलम अनन्त द्वारा बहाई नववर्ष पर स्वरचित विशेष कविता भी प्रस्तुत की गई । 

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