संजीवनी टुडे

बस्तर में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित, नदी-नाले उफान पर

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 08-09-2019 13:05:22

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले चार दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।


जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले चार दिनों से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। जगदलपुर स्थित इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं शबरी, शंकनी और डंकनी नदी का जलस्तर भी उफान पर है। बस्तर में पिछले चार दिन में हुई बारिश से पांच लोगों की मौत हो गयी और दो सौ से अधिक मकान ढह गये। जिला प्रशासन क्षतिग्रस्त मकानों की जांच कर रहा है।

कल दोपहर बीजापुर जिले के भोपालपटनम तहसील में गुल्लापेटा पंचायत के चंद्रागिरी गांव के 35 परिवार बाढ़ में फंस गए। जिला प्रशासन ने देर रात तक बचाव कार्य शुरू किया और इन परिवारों को सही सलामत निकाल लिया गया। बीजापुर इलाके में कई गांवों का संपर्क टूट चुका है और कई गांव टापू बन गए हैं।

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जिला प्रशासन द्वारा जगह - जगह राहत शिविर प्रांरभ किये गये हैं। कई इलाकों में भारी बारिश से पुल पुलिया ढह जाने से भी आवागमन बाधित है।

अधिकारिक जानकारी के अनुसार इंद्रावती नदी का जल स्तर वर्तमान में 8.300 मीटर है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण इंद्रावती के साथ सभी प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं। इंद्रावती के जलस्तर को प्रभावित करने वाली भस्केल नदी का जलस्तर भी यहां से 50 किलोमीटर कोसागुमड़ा में दो से तीन सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़कर चार मीटर के स्तर को छू गया था।

केन्द्रीय जल आयोग के स्थानीय दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार अगले 24 घंटे में होने वाली बारिश तय करेगी कि इंद्रावती का जलस्तर किस लेवल तक जाएगा।

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बारिश के कारण नदियां ही नहीं अंचल के नाले भी पूरे उफान पर हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में नालों के उफान में आने से कई मार्ग बंद हैं। बास्तानार ब्लाक में किलेपाल से कुम्हारसाडरा मार्ग में कटिमुंडा नाला में बाढ़ होने से रास्ता बीते 48 घंटे से अधिक समय से बाधित चल रहा है। लोहंडीगुड़ा, दरभा, बस्तर, जगदलपुर आदि ब्लाकों में भी नालों में बाढ़ का असर आवागमन पर पड़ा है। इधर सुकमा जिले में शबरी नदी का जल स्तर बढ़ जाने से कई गांव टापू बन गये हैं और ओडिशा से संपर्क टूट चुका है।

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