संजीवनी टुडे

कुम्भ : बजने लगे शंख-डमरू, गूंजने लगे महापर्व के गीत

संजीवनी टुडे 14-01-2019 16:31:38


कुम्भनगरी। मकर संक्रांति के स्नान के साथ आस्था के महापर्व के गीत गूंजने लगे हैं। आखड़ों, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक संस्थाओं, पुरोहितों और कल्पवासियों के शिविरों से संगम की रेती सज गई है। कुंभ नगरी में शंख, डमरू, घंट-घड़ियाल की गूंज सुनाई दे रही है। यज्ञशालाओं में वेदपाठ करने वाले बटुकों के सस्वर मंत्रोच्चार गूंज रहे हैं।

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प्रयागराज के कुम्भ में भगवान शंकर, विष्णु, राम आदि के नाम की धुन गूंज रही है। सत्संग शुरू हैं। संत, महंथ, श्री महंथ, पीठाधीश्वर, आचार्य आदि ने अपना-अपना का डेरा लगभग बसा लिया है। अखाड़ों की भव्यता ने स्वरूप ले लिया है। दूर-दराज से आए संतों के दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही शुरू भी है। 

मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर भगवान सूर्य नारायण की पहली किरण के साथ आज से ही लाखों की तादात में भक्तों ने डुबकी लगानी शुरू कर दी है। आम दिनों की बजाय आज गंगा में ज्यादा जल है। बुलंदशहर, कानपुुुर जैसे शहरों से गंगा में जल छोड़ने के बाद सोमवार को जल स्तर अधिक है। 

यह संगम स्नान के किये आने वाले यात्रियों और संतों के लिए सुखद है। गंगा मईया के पारंपरिक गीत गाते हुए महिलाओं का झुंड संगम के तट की ओर चल रहा है। अन्य घाटों तक पहुँचने वाली महिलाओं का झुंड भी महापर्व के गीत गाते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। गंगा और यमुना मैया से जुड़े गीत काफी आकर्षक हैं।

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गौरतलब है कि पंचांग की गणना के मुताबिक इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। सोमवार की रात में शुभ मुहूर्त में सूर्य, मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस वजह से मकरसंक्रांति 15 जनवरी को है, लेकिन मान्यताओं के मुताबिक आज से ही श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगानी शुरू कर दी है।

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