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कानपुर एनकाउंटर/ आरोपी विकास दुबे के कई ठिकानों पर पुलिस की दबिश, सामान जब्त कर परिजनों को लिया हिरासत में

संजीवनी टुडे 04-07-2020 05:01:00

सीओ समेत दबिश देने गए आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी कुख्यात अपराधी विकास दुबे के कृष्णानगर स्थित घर पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह दबिश दी।


कानपुर। सीओ समेत दबिश देने गए आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी कुख्यात अपराधी विकास दुबे के कृष्णानगर स्थित घर पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह दबिश दी। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे भले ही अभी पुलिस की पकड़ से दूर हो पर चौबेपुर थानाध्यक्ष एसटीएफ की राडार पर आ गये। एसटीएफ ने हिरासत में लेकर थानाध्यक्ष विनय तिवारी से पूछताछ की और भूमिका संदिग्ध होने पर लखनऊ ले गयी। सूचना मिली थी कि विकास कानपुर से भागकर यहां विजयनगर स्थित घर पर हो सकता है, लेकिन पूरा घर खाली मिला।

दरअसल, चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरु गांव में गुरुवार की रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी पुलिस टीम को मुंह की खानी पड़ी। बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन ओर से हमला कर दिया और बिल्हौर सीओ देवेन्द्र मिश्रा, शिवराजपुर थानाध्यक्ष महेश यादव समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गये। इस पूरे घटनाक्रम में सूत्रों के अनुसार चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी अन्य थानों की फोर्स से काफी पीछे रहे। इसी के चलते चौबेपुर थाना का फोर्स न तो जख्मी हुआ और न ही शहीद हुआ। वहीं, बदमाशों की गोलीबारी से स्थानीय थाना के अलावा सर्किल के थाने प्रभावित हुए। इन्ही सब बिन्दुओं को लेकर एसटीएफ की टीम की राडार पर चौबेपुर थानाध्यक्ष आ गये और सर्विलांस के जरिये सीडीआर निकाली गयी। 

Kanpur  raid at Vikas Dubeys house accused of killing eight policemen family members taken into custody

बताया जा रहा है कि एसटीएफ के अधिकारियों ने चौबेपुर एसओ विनय तिवारी से लंबी पूछताछ की और मामला संदिग्ध होने के चलते उसे लखनऊ ले जाया गया। बताते चलें कि पुलिस टीम जिस मुकदमें में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी थी उस मुकदमें को चौबेपुर में दर्ज करने के लिए पीड़ित को अधिकारियों के चौखट पर दर-दर भटकना पड़ा था। अधिकारियों के दबाव के बाद चौबेपुर एसओ ने पीड़ित का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस टीम कुछ दूर स्थित उसके छोटे भाई दीप प्रकाश दुबे के मकान में पहुंची, लेकिन वह भी भाग चुका था। वहां विकास की मां सरला, दीप प्रकाश की पत्नी अंजली व उनके दो बच्चे समेत भांजी प्रियंका मिली।

पुलिस ने अंजली व प्रियंका को हिरासत में लेते हुए अंजली का लाइसेंसी रिवाल्वर भी जब्त कर लिया है। कृष्णानगर के एसीपी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कृष्णानगर, सरोजनीनगर व मानकनगर थाने की टीम के साथ विकास के घर पर दबिश दी गई थी। वहां सिर्फ नौकर महेश व दो कुत्ते मिले। पड़ोस के मकान की छत से डॉग मार्शल को घर के भीतर भेज कुत्तों को काबू में किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने घर में घुसकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।

पुलिस को विकास के घर से कैमरा, एक डीवीआर, एक पेन ड्राइव और मोबाइल फोन के नौ डिब्बे मिले हैं। एक साधारण फोन और कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस ने सारा सामान जब्त कर लिया है। एसीपी का कहना है कि बरामद सामान की जांच की जा रही है। दीप प्रकाश के घर से पुलिस को उसकी पत्नी अंजली का लाइसेंसी रिवाल्वर व अन्य दस्तावेज मिले हैं। बता दे, विकास दुबे ने कानपुर के चौबेपुर स्थित बिकरू गांव स्थित घर के अलावा कई साल पहले लखनऊ के कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक कॉलोनी में मकान बनवाया था। वह इसी मकान में परिवार के साथ रह रहा था। अक्तूबर 2017 में कृष्णानगर पुलिस ने उसे अवैध असलहा रखने के जुर्म में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। विकास के खिलाफ लखनऊ के अन्य थानों में दर्ज मुकदमों का ब्यौरा भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस को विकास के भाई दीप प्रकाश के घर से यूपी 32 बीजी (सरकारी) सिरीज के नंबर की सफेद रंग की एक एंबेसडर कार मिली। पूछताछ में सरला ने बताया कि कार नीलामी में खरीदी थी। उसने कार कई महीने से खराब होने की बात कही। हालांकि, कार ऐसी लग रही थी जैसे कुछ देर पहले ही खड़ी की गई हो। आसपास के लोगों ने बताया कि विकास दुबे जब भी लखनऊ आता था, उसी कार से चलता था। सरकारी सिरीज का नंबर होने के चलते लोग उससे प्रभावित हो जाते थे। विकास के घर पर न होने पर इस कार को दीप प्रकाश इस्तेमाल करता था।

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