संजीवनी टुडे

जाको राखे साइयां मार सके ना कोई कहावत हुई सच, ऑटो चालकों ने बचायी पांच जिन्दगीयां

संजीवनी टुडे 21-07-2018 21:09:51


जयपुर । कस्बे के मंडावा रोड स्थित रेलवे अंडर पास में आज पांच जिंदगियों को ऑटो चालकों ने मौत के मुंह जाने से बचा लिया वाकया उस समय का है जब झुंझुनू के रिटायर्ड फौजी राम सिंह का परिवार जिसमें रामसिंह खुद उसकी पत्नी पुत्र पुत्रवधू वह एक 4 साल का पोता झुंझुनू से अपनी कार में जोधपुर जा रहे थे तभी झुंझुनू रेलवे अंडरपास के नीचे से जैसे ही गुजरने लगे अचानक गाड़ी पानी में बहने लगी देखते ही देखते चंद सेकेंडों में पानी गाड़ी के अंदर समा गई। भयभीत परिवार के मुंह से ओह तक भी नहीं निकल पाई थी की गाड़ी पूरी जलमग्न हो चुकी थी ऐसे में पास ही में खड़े स्थानीय युवक लीलाधर गुर्जर सुभाष स्वामी व अन्य युवकों ने जब गाड़ी पानी में जलमग्न होते देखी तो युवकों ने आव देखा ना ताव पानी में कूद गए जैसे तैसे गाड़ी का फाटक खोल कर बारी-बारी 5 लोगों को पानी से बाहर निकाला। पांच फीट पानी होने की वजह से कार की छत भी पानी मे डूबने लगी, कार में उस वक्त पांच लोग सवार थे। जिन्हें चिल्लाते देख सभी ऑटो वाले पानी मे कूद पड़े व पूरे परिवार को जिंदा निकालकर बाहर ले आये व वही गाड़ी को भी रस्सी से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। लेकिन अफसोस कि बात तो यह है कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी प्रशासन की आँख भी नही खुली व मौके पर देखने को भी नही मिले। अगर इस तरह से प्रशासन अनदेखी करता हैं तो फिर वो आला अधिकारी किस काम के।

AA

हादसे के वक्त कार में सवार झुंझुनूं निवासी रिटायर्ड सूबेदार रामसिंह महला, उनकी पत्नी शारदा, बेटा सत्येंद्र व सत्येंद्र की पत्नी सुधा व सत्येंद्र का बेटा मेवान कार में सवार थे। सत्येंद्र जोधपुर के पोस्ट ऑफिस में आईपीओ ऑफिसर के पद पर तैनात हैं और वह अपनी छुट्टी बिताकर वापिस ड्यूटी पर लौट रहा था। जबकि पीड़ित परिवार का कहना हैं कि रास्ते रोकने को लेकर बेरीकट भी नही लगे हुये थे। जबकि यह हादसा दिन में हुआ तो लोगों ने हमे बचा लिया, अगर यही हादसा रात को होता तो हमारे साथ क्या होता उसका तो अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल होता। जबकि वही दूसरी और नजर डाले तो पुलिस परीक्षा देने आये अभ्यथियों की बस भी इसी पुलिये में फंसी थी, जिसे जेसीबी के द्वारा बाहर निकाला गया था।

AA

जबकि एक तरफ नजर डाले तो स्थानीय लोगों के द्वारा कलेक्टर व रेलवे के अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया था, एवं आम आदमी पार्टी के द्वारा रेलवे इंटेलिजेंस के अधिकारी श्रवण काजला के फतेहपुर आगमन पर उन्हें ज्ञापन भी सौपा गया था। जबकि इतना कुछ करने के बाद भी अभी तक कोई समाधान नही निकला। जबकि शुक्रवार को इस समस्या को लेकर कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने भी दौरा किया। जबकि उनका कहना है कि रेलवे से बात हो गई हैं, जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जायेगा। जबकि प्रशासन की इस लापरवाही को देखकर लोगों में काफी रोष देखने को मिला। व घटनास्थल पर सैकड़ों से ज्यादा लोग इकट्ठे हो गये। वही एसडीएम रेणु मीणा को इस घटना की जानकारी के लिए स्थानीय लोगों के द्वारा कॉल किये जाने पर पहले तो कॉल उठाया नही और जब बार बार कॉल करने पर जब एसडीएम ने कॉल उठाया तो एक ही जवाब मिला कि में अभी मीटिंग में हु बाद में बात करती हूं, और जब मीडिया कर्मी के द्वारा कॉल किया गया तो उन्हें भी सिर्फ एक ही जवाब मिला कि में मीटिंग में थी और कहा से कॉल उठाती, इतना कहकर कॉल कट कर दिया गया। जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस तरह से जवाब देने लग जायेंगे तो आप नागरिक की समस्याओं को सुनेगा कौन। घटना को लेकर पीड़ित परिवार व लोगों का कहना है कि-स्थानीय निवासी लीलाधर गुर्जर ने बताया कि’ मैंने देखा कि एक सफेद रंग की कार पुलिया के नीचे पानी मे पूरी तरह डूबी हुई थी। उसमें से चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी। इतने में में और मेरे साथ खड़े ऑटो चालक सुभाष दोनों तुरंत पानी में कूद पड़े और जैसे तैसे फाटक खोल कर सबसे पहले उसमें से 2 साल के बच्चे को बाहर निकाला व उसके बाद अन्य लोगो को बाहर निकाला गया। अगर चंद मिनट की देर हो जाती तो पूरा का पूरा परिवार जल समाधि में लीन हो जाता।

झुंझनु निवासी रामसिंह महला ने बताया कि जैसे ही हमारी गाड़ी पानी के अंदर गई पानी ने पूरी गाड़ी को अपने अंदर समा लिया। हम घबरा गये, देखते ही देखते पूरी गाड़ी जलमग्न हो गई अब बस एक याद बची थी और वह थी ईश्वर की। क्योंकि नाक तक पानी आ चुका था मैंने अपना मुंह ऊपर करके जोर से चिल्लाया। तभी वहां खड़े स्थानीय युवकों व ऑटो चालकों ने तुरंत पानी में कूदकर फाटक खोल कर हमें बाहर निकाला। आज मौत का मंजर हमने एकदम नजदीक से देखा अगर ऑटो चालक व स्थानीय लोग ना होते तो हमारी जलसमाधि निश्चित थी। 

AA

स्थानीय निवासी सूर्यप्रकाश शर्मा का कहना है कि घटनास्थल के सामने ही मेरे घर हैं मैंने मौके से तुरंत एसडीएम एवं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को फोन कर घटना की जानकारी दी तथा तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा उसके बाद जब मौके पर अधिकारी नहीं पहुँचे तो मैंने दोबारा फोन किया तो दोनों ही अधिकारी ने फोन उठाना बन्द कर दिया। इतनी गंभीर समस्या होने के बाद भी अधिकारियों का फोन नहीं उठाना बहुत बड़ी गंभीरता की बात है।घटना को लेकर सवांददाता हरीश शर्मा ने ईओ से बातचीत की तो फतेहपुर ईओ नवनीत कुमार का कहना है कि’ पालिका प्रशासन अपने सीमित संसाधनों से उच्च जल की निकासी करते आई हैं, जबकि रेलवे विभाग के द्वारा आजतक इस सन्दर्भ में किसी प्रकार का कोई सहयोग प्राप्त नही हो रहा हैं।

जयपुर में प्लॉट मात्र 2.40 लाख में call: 09314166166

MUST WATCH

जबकि पालिका व उपखंड प्रशासन के द्वारा बार-बार रेलवे विभाग को अवगत भी करवाया जा चुका है। फिर भी रेलवे प्रशासन इस और कोई ध्यान नही दे रहा हैं।

Rochak News Web

More From state

Trending Now
Recommended