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जयपुर के रामगंज को कलस्टर्स में बांटकर की जाएगी सघन सैंपलिंग, विभाग ने बनाई खास रणनीति

संजीवनी टुडे 08-04-2020 18:52:43

कोरोना हॉटस्पॉट बने जयपुर के रामगंज में कोरोना संक्रमण रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की पहली प्राथमिकता इलाके में कोरोना के सामुदायिक प्रसार को रोकना है।


जयपुर। कोरोना हॉटस्पॉट बने जयपुर के रामगंज में कोरोना संक्रमण रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की पहली प्राथमिकता इलाके में कोरोना के सामुदायिक प्रसार को रोकना है। रामगंज क्षेत्र में कोरोना की रोकथाम के लिए महामारी विशेषज्ञों की सलाह पर खास रणनीति बनाई गई है। इसके तहत जनगणना के अनुसार रामगंज को क्लस्टर्स में बांटकर प्रतिदिन सैंपल लिए जाएंगे और उनकी पीसीआर टेस्टिंग करवाई जाएगी। ताकि, क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव की संख्या का सही आकलन हो पाए।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि महामारी विशेषज्ञों की टीम ने लगातार रामगंज के घटनाक्रम पर नजर रखते हुए मैपिंग के अनुसार रणनीति बनाई है। इसके तहत रामगंज को 30 कलस्टर्स में बांटा गया है। प्रत्येक कलस्टर से 21 सैंपल प्रतिदिन लिए जाएंगे। ज्यादा मामले सामने आने पर ज्यादा सैंपल भी लिए जा सकते हैं। रामगंज में सोशल डिस्टेंसिंग रखना मुश्किल काम है, ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को क्वारेंटाइन भी किया जा सकता है। क्षेत्र में स्क्रीनिंग का काम भी तेज किया गया है। 

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य का प्रशासनिक अमला, पुलिस और चिकित्सा विभाग के बेहतर तालमेल का ही परिणाम है कि राजस्थान में हालात पूरी तरह काबू में है। प्रदेश में अब तक पौने 6 करोड़ लोगों का सर्वे और स्क्रीनिंग हो चुकी है। देश में कोरोना की मृत्यु दर के मुकाबले प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर काफी कम है। उन्होंने बताया कि यह सुखद है कि विभाग ने राज्य में कोरोना की रोकथाम के साथ पॉजिटिव मिले मरीजों पर विशेष ध्यान दिया। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आइसोलेट रखा गया। उचित उपचार और विशेष ध्यान देने से प्रदेश में अब तक 45 लोगों को पॉजिटिव से नेगेटिव किया जा चुका है। इनमें से 42 को तो डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। भीलवाड़ा में अधिकांश लोग पॉजिटिव से नेगेटिव हो चुके हैं।

हर कदम पर सरकार ने दिखाई मुस्तैदी
कोरोना को लेकर सरकार शुरू से ही सजग रही है। देश में सबसे पहले राजस्थान से लॉकडाउन की घोषणा की गई। प्रदेश में जहां भी पॉजिटिव मरीज मिले, उसके संपर्क में आए सभी लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम व्यापक स्तर पर करवाया जा रहा है। कंटेंमेंट प्लान के तहत 1, 3 और 5 किलोमीटर के क्षेत्र में तुरंत कफ्र्यू लगाया जा रहा है। आईएलआई केसेज में ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई जा रही हैं। साथ ही कलस्टर सैंपलिंग, ड्रोन से निगरानी जैसे प्रयोग कर सरकार पूरी सजगता से काम कर रही है।

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