संजीवनी टुडे

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से औद्योगिक क्रांति को मिलेगी और मजबूती: प्रभारी मंत्री

संजीवनी टुडे 14-02-2019 17:05:44


बेगूसराय। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बेगूसराय में प्रस्तावित कार्यक्रम नया इतिहास रचने जा रहा है। डेढ़ साल पहले गंगा के उस पार प्रधानमंत्री द्वारा किये गए शिलान्यास कार्य का असर दिख रहा है। अब गंगा के इस पार प्रधानमंत्री बेगूसराय ही नहीं, बिहार के विकास की एक नई गाथा लिखेंगे। प्रधानमंत्री इंडियन ऑयल, खाद कारखाना, रेलवे, वाटर रिसोर्स समेत अन्य 31 हजार करोड़ की योजनाओं-परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे। यह विकास की एक नई शुरुआत होगी। यह बात बिहार सरकार के श्रम संसाधन सह बेगूसराय के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल की समीक्षा के बाद एनडीए की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। 

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उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के शासन में पूरे देश में बदलाव हो रहा है लेकिन भ्रष्टाचार से ग्रसित कुछ लोग नकारात्मक भाव पैदा कर रहे हैं। बदलते बिहार के अंदर सबका साथ सबका विकास हो रहा है। पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण, समय सीमा में विकास कार्य होने से लागत में कमी आती है। 33 वर्ष के बाद केंद्र व राज्य की सरकार मिलकर बिहार को तेज गति दे रही है। एनडीए की सरकार फिर से बनेगी यह बात समाजवाद के पुरोधा मुलायम सिंह यादव भी चाहते हैं। लेकिन बंगाल एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री समेत कुछ लोग संवैधानिक संस्था पर प्रश्न चिन्ह उठा रहे हैं जबकि एनडीए में परिवारवाद है स्वार्थवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, लखीसराय, बाढ़ एवं शेखपुरा के भी कार्यकर्ता भाग लेंगे तथा उनमें उत्साह है।

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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री विधान पार्षद रजनीश कुमार ने कहा कि बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह के बाद एक बार फिर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए बेगूसराय का निर्माण हो रहा है। आजादी के बाद श्रीबाबू ने गंगा नदी पर प्रथम पुल सिमरिया में बनवाया था और अब नरेन्द्र मोदी जी उत्तराखंड से गंगासागर के बीच गंगा नदी पर सबसे पहला सिक्स लेन पुल सिमरिया में बनवा रहे हैं। बरौनी रिफाइनरी की स्थापना के बाद स्थापित सभी रिफाइनरियों का क्षमता विस्तार हुआ लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत बरौनी रिफाइनरी का क्षमता विस्तार नहीं होने दिया गया। वाजपेयी जी की सरकार में पहली बार 2002 में इसकी क्षमता तीन से छह एमएमटीपीए की गयी। उसके बाद अब नरेन्द्र मोदी की सरकार में इसकी क्षमता छह से नौ एमएमटीपीए की जा रही है। कई अन्य यूनिटों की स्थापना हो रही है जिससे पेट्रोकेमिकल की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

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