संजीवनी टुडे

इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन का 51वां सम्मेलन शुरू

संजीवनी टुडे 18-01-2019 19:49:21


इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सभागार में शुक्रवार को तीन दिवसीय 51वें 'इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन' सम्मेलन की शुरुआत हुई। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने इसका शुभारम्भ किया। यह सम्मलेन 20 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से आए विशेष विशेषज्ञ जल की महत्ता के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करेंगे।

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जल का मनुष्य के जीवन में बहुत अधिक महत्व: मंत्री पांसे इंदौर में आयोजित तीन दिवसीय 51वें इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन सम्मेलन का शुक्रवार को प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से आये वाटर वर्क्स से जुड़े इंजीनियरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में पानी का बहुत अधिक महत्व है। बिना जल के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। प्राचीनकाल में सभी सभ्यता और संस्कृतियां नदियों के किनारे बसीं। जल ही जीवन का आधार है। भारत में बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए जल प्रदाय एक बहुत बड़ी चुनौती हैं। इस चुनौती का सरकार को सामना करना हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक नलजल योजना से जल प्रदाय को आसान बनाया जा सकता है।

मंत्री पांसे ने कहा कि धरती पर दो तिहाई भाग जल है, मगर धरती पर दस प्रतिशत पानी ही पीने योग्य हैं। मप्र शासन ने हमेशा पेयजल को प्राथमिकता दिया है। हर गांव में हैडपम्प लगा दिए गए है। जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हमारे प्रदेश में जल संरक्षण के लिए घर का पानी घर में और खेत का पानी खेत में का नारा दिया गया है, जिससे भू-जल स्तर बढ़े। जल संरक्षण के क्षेत्र में मप्र ने पिछले 40 वर्षों में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। चैक डैम, स्टॉप डेम, खेत तालाब और बड़े तालाब लाखों की संख्या में बनाये गए हैं। विशेष मुहिम चलाकर हर गांव, हर घर, हर स्कूल और हर कॉलेज में पेयजल मुहैया करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में हम कामयाब भी रहे हैं। नदी और तालाब के पानी को शुद्ध करने के लिए हमने प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कर दिया है।

पानी अमृत के समान: पारसेकर सम्मेलन में इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उत्तम पारसेकर ने कहा कि पानी अमृत के समान है। हर गांव और शहर में पेयजल प्रदाय करना हर सरकार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। सरकारों को जल संरक्षण के क्षेत्र में और अधिक काम करने की जरूरत है। इस सम्मेलन में तकनीक और शोध के माध्यम से पेयजल प्रदाय को आसान बनाये जाने के उपाय बताये जायेंगे। यह सम्मेलन तीन दिन चलेगा। इस सम्मेलन में देश और विदेश के हजारों की संख्या में पेयजल इंजीनियर भाग ले रहे हैं। यह सम्मेलन 1968 से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को जीआर बाबूकुमार, कोमल प्रसाद ने भी सम्बोधित किया। 

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इस सम्मेलन में भोपाल जोन के केके सोनगरिया को अध्यक्ष चुना गया। इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण वाटर वर्क्स प्रदशनी है, जो तीन दिन तक चलेगी, जिसमें सेकड़ों वाटर वक्र्स कंपनियां भाग ले रही हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्य जनता को सस्ती और आधुनिक तकनीक से परिचय कराना है। सम्मेलन में उल्लेखनीय कार्य के लिए नागपुर, पूना, मुंबई सेंट्रल के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है।

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