संजीवनी टुडे

एमपी में सिखों के ऊपर हो रहे हमलों को तुरंत रोकें कमलनाथ: सिरसा

संजीवनी टुडे 18-03-2019 20:37:22


नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके प्रदेश के अशोक नगर जिले में हुई घटना को तुरंत संज्ञान में लेते हुए रोकने की मांग की है। सोमवार को इस संबंध में डीएसजीएमसी ने आरोप लगाया है कि सिख समुदाय पर अस्वीकारयोग्य शर्ते लगाई गईं है जो अक्षम्य है। सोमवार को डीएसजीएमसी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा और महासचिव हरमीत सिंह कालका ने हैरानी जताई कि अशोक नगर जिले के गांव मथाना में सिख परिवारों को पीने और सिंचाई के लिए पानी देने से इनकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खौफनाक बात यह है कि पानी हासिल करने के लिए सिखों को अपने केस (बाल) और दाड़ी काटने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 

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उन्होंने कहा कि विश्व भर में खास तौर पर भारत में हर कोई जानता है कि केस और दाड़ी सिख जीवन का अटूट अंग हैं और हर सिख गुरू साहिबान की तरफ से बताए अनुसार नियमों का पालन करता है। दोनों सिख नेताओं ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर सिख विरोधी करार देते हुए कहा कि देश का हर नागिरक जानता है कि कमलनाथ सिख भाईचारे के विरोधी हैं और उन्होंने 1984 के सिख कत्लेआम में अहम भूमिका अदा की थी, परन्तु मौजूदा समय में वह एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालत में यह उनका फर्ज बन जाता है कि जिस राज्य में वह राज कर रहे हैं उसमें किसी के साथ भी धर्म, जाति, रंग भेद आदि के आधार पर भेदभाव न हो जैसे कि संविधान में व्यवस्था है। 

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सिरसा ने कहा कि डीएसजीएमसी देश में सिखों की प्रतिनिधि संस्था है। यह संस्था भारत के किसी भी भाग में सिखों के साथ किसी किस्म का भेदभाव बर्दाश्त नहीं करेगी और सिख भाईयों के साथ कोई भी भेदभाव होने की हालत में दरुस्ती भरे कदम उठाऐगी। दोनों नेताओं ने मध्य प्रदेश सरकार से अपील की कि वह तुरंत कदम उठाए और बिना देरी के अशोक नगर जिले में रहते वाले सिख परिवारों को पानी उपलब्ध करवाए और उन व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज करके उन को सजाएं दे, जिन्होंने अमानवीय शर्तें लगाई।

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