संजीवनी टुडे

विधान सभा में उठा अवैध आरओ प्लांट्स का मामला

संजीवनी टुडे 12-07-2019 18:25:50

सरकार केवल चित्तौड़गढ़ में ही अवैध आरओ के खिलाफ कार्रवाई कर रही है


जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रदेश में अवैध आरओ प्लांट्स का मामला उठा। चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह आक्या ने प्रश्नकाल में अवैध आरओ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार केवल चित्तौड़गढ़ में ही अवैध आरओ के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। जबकि प्रदेश में किसी स्थान पर अवैध आरओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। 

प्रश्न के जवाब में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने बताया कि प्रदेश भर में आरओ प्लांट्स के जरिए निकलने वाले पानी की जांच कर पता लगाया जाएगा कि यह पानी खेती के लिए उपयोग में लाया जा सकता है या नहीं। इस दौरान केवल चितौड़गढ़ के आरओ प्लांट्स को बंद करने के जवाब में उन्होंने कहा कि चितौड़गढ़ के लोग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में गए और 23 अप्रेल, 2019 को फैसला आया, जिसकी पालना में इन आरओ प्लांट्स को बंद किया गया।  विश्नोई ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में उपलब्ध अभिलेखानुसार गली मौहल्लों में भू जल दोहन कर संचालित आर.ओ. प्लांट की सूचना भी सदन की मेज पर रखी। उन्होंने बताया कि किसी भी औद्योगिक ईकाई को भूमि दोहन की अनुमति अथवा अनापत्ति प्रमाण पत्र केन्द्रीय भू जल प्राधिकरण (सी.जी.डब्लू.ए.) से प्राप्त करना आवश्यक है, ना कि पर्यावरण विभाग अथवा संबंधित जिला कलेक्टर से।

वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों को भूमि जल दोहन की अनुमति केन्द्रीय भू जल प्राधिकरण (सी.जी.डब्लू.ए.) के कार्यक्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि  अवैध इकाइयों की स्थापना/संचालन की जानकारी प्राप्त होने पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण)  अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अन्तंर्गत कार्यवाही की जाती है। राज्य सरकार के आदेश 14 जुलाई 2011 के द्वारा भू जल दोहन की अवैध इकाइयों पर कार्यवाही के लिए संबंधित जिले के जिला कलेक्टर अधिकृत हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From state

Trending Now
Recommended