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जयपुर के स्टार्टअप फ्लीका इंडिया को इनक्यूबेट करेगा IIT गांधीनगर का नैसकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

संजीवनी टुडे 25-06-2019 17:01:43

सेंटर की परिकल्पना, विभिन्न क्षेत्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और टेक्नोलाॅजी समाधान विकसित करने के लिहाज से की गई थी।


जयपुर। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और इंटरेट ऑफ थिंग्स पर आधारित टायर मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करने वाले जयपुर बेस्ड स्टार्ट-अप फ्लीका इंडिया अब नैसकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना संचालन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, नैसकाॅम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) इंडियन रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क, साइंस एंड टेक्नोलाॅजी (गुजरात सरकार) के बीच एक संयुक्त पहल है, जिसे गांधीनगर आईआईटी में शुरू किया गया है।

सेंटर की परिकल्पना, विभिन्न क्षेत्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ  थिंग्स और टेक्नोलाॅजी समाधान विकसित करने के लिहाज से की गई थी। सेंटर में एक स्टार्ट-अप इनक्यूबेटर भी है, जहां फ्लीका इंडिया की तकनीकी टीम काम करेगी। फ्लीका इंडिया की तकनीकी टीम को नैसकाॅम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-इंटरनेट  ऑफ थिंग्स की कोर टीम व शैक्षणिक शोधकर्ताओं और उद्योग के विशेषज्ञों के साथ काम करने और मार्गदर्शन पाने का अवसर मिलेगा।

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‘फ्लीट केयर’ से संबंधित कंपनी फ्लीका भारी वाणिज्यिक वाहन बेड़े के मालिकों के लिए एक टायर प्रबंधन सेवा कंपनी है, जो टायर को एक नया जीवन देते हुए उसकी उम्र को बढ़ाने के लिए काम कर रही है। फ्लीका इंडिया, टायरों के माइलेज को ट्रैक करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक का उपयोग करती है।

फ्लीका इंडिया के संस्थापक और सीईओ, श्री टीकम चंद जैन ने समझौते की घोषणा करते हुए कहा, ‘हम नैसकाॅम सीओई-आईओटी गांधीनगर के साथ जुड़ने और काम करने के लिये बेहद उत्सुक हैं। यह व्यवस्था नैसकाॅम सीओई-आईओटी द्वारा सुझाए गए उद्योग और शिक्षाविदों के विशेषज्ञों से हमें मेंटरशिप की सुविधा प्रदान करेगी, साथ ही हमें नवीन, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में सक्षम बनाएगी जो हमारे भविष्य की परियोजनाओं में इस्तेमाल की जा सकती हैं।

नैसकॉम सीओई-आईओटी से समर्थन पर बोलते हुए, सीईओ श्री संजीव मल्होत्रा ने कहा, ‘हमारे इनक्यूबेटर का मुख्य सफलता कारक मजबूत उद्योग संरक्षकों की उपलब्धता है, जो स्टार्टअप को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन करने में मदद करता है। फ्लीका एक अलग सेगमेंट की जरूरतों के लिए काम कर रही है, इसलिए गहन शोध की आवश्यकता है। हमारा मानना है कि यह नवाचार और उद्यमशीलता का पोषण करने के लिए स्टार्टअप ईको सिस्टम के निर्माण का सही समय है। वर्तमान में, हमारे पास हेल्थकेयर, एग्रीटेक, इंडस्ट्री 4.0, क्लीनटेक, ऑटोमोबाइल, एनर्जी और स्मार्ट शहरों जैसे डोमेन में गहरी तकनीक और नवाचार पर काम करने वाले लगभग 75 स्टार्टअप हैं। हम अभी भी देश भर से फ्लीका इंडिया जैसे संभावित स्टार्टअप की पहचान करने और उन्हें आगे लाने की प्रक्रिया में हैं।’ 

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फ्लीका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बारे मेंः
टीकम चंद जैन द्वारा 2016 में स्थापित और राजस्थान सरकार की आईस्टार्ट पहल द्वारा मान्यता प्राप्त, जयपुर-आधारित स्टार्ट-अप फ्लीका इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित टायर मैनेजमेंट सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने लॉजिस्टिक्स मार्केट में कमर्शियल वाहनों के टायर का निरीक्षण, विश्लेषण और रिट्रेड करते हुए खुद अपनी नई जगह बनाई है। वर्तमान में फ्लीका 15 शहरों को कवर करते हुए 8 राज्यों में कार्यरत है। 15 फ्लीका सेंटर दिल्ली एनसीआर, शाहपुरा, अहमदाबाद, सूरत, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, गांधीनगर, कच्छ के राजमार्गों पर चल रहे हैं जबकि इरादा पूरे भारत में प्रत्येक 100 - 200 किलोमीटर पर ऐसे सेंटर कायम करना है, जहां बुनियादी वाहन जांच जैसे अलाइनमेंट, धुलाई, टायर दबाव, चालक के लिए सुविधाएं, सुरक्षित वाहन पार्किंग आदि उपलब्ध रहे।

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