संजीवनी टुडे

पंचकूला के लेखक की किताब पर आधारित हिंदी फिल्म का हुआ प्रीमियर शो

संजीवनी टुडे 09-03-2019 21:08:29


पंचकूला। लेखक अमृत गुप्ता की किताब जस्ट 7 डेज टू एक्सिलेंस पर आधारित हिंदी फिल्म, आरोही-फलसफा ज़िंदगी का प्रीमियर का शनिवार को गर्वनमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। अमृत गुप्ता ने कहा कि ‘‘फिल्म का निर्माण करने का विचार तब आया, जब उन्होंने एंटरटेनमेंट प्लस स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड में उनकी टीम से मुलाकात की।’’ उन्होंने महसूस किया गया कि चूंकि सभी में पढ़ने की आदत नहीं है, इसलिए उनकी किताब ‘जस्ट 7 डेज टू एक्सीलेंस’ के कंटेंट को फिल्म बनाने के लिए एडाप्ट किया जाना चाहिए, जो पुस्तक के संदेश को अधिक प्रभावी और व्यापक रूप से फैलाने में मदद करेगा।’’

यहां ये बताना जरूरी है कि ‘जस्ट 7 डेज टू एक्सीलेंस’ एक प्रेरक किताब है, जिसमें किसी भी व्यक्ति के जीवन को बदलने की सामग्री और क्षमता है। गुप्ता की एक अन्य पुस्तक ‘टू ग्रेट मास्टर्स’ को भी काफी सराहा और प्रंशसित किया गया है। गुप्ता ने बताया कि एक घंटे की ये फिल्म लगातार मनोरंजन करती है और जीवन की विभिन्न समस्याओं के समाधान खोजने का तरीका दिखाती है, जिसमें खास तौर पर युवा पीढ़ी पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया गया है। 

उन्होंने आगे कहा कि एक आकर्षक प्रेम कहानी के माध्यम से फिल्म विनम्रतापूर्वक आपको यह समझने के लिए विवश करती है कि जीवन में त्वरित रोमांस ही आनंद नहीं है। वास्तविक आनंद जीवन की मूल बातों को समझने और सही मार्ग सीखने में निहित है जिसका पालन हमें अपने दैनिक जीवन में पालन करना चाहिए। आत्मबोध जीवन का अंतिम लक्ष्य है।

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उन्होंने बताया कि ये फिल्म एक दर्पण दिखाती है कि वर्तमान कमजोर प्राथमिक शिक्षा प्रणाली किसी व्यक्ति के पूर्ण चरित्र को कैसे प्रभावित कर रही है। समाज की बुराईयां प्रमुख तौर पर गैर असरकारी प्राथमिक शिक्षा प्रणाली में छिपी हैं। जीवन के दूसरे दौर में अगर हम कोई सुधार करते हैं, वे मुश्किल से ही काम में आते हैं। फिल्म के निर्माण के पीछे के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए, गुप्ता ने कहा कि फिल्म केवल मनोरंजन करने के लिए नहीं है, बल्कि समाज को बेहतर समझ और सार्थक जीवन जीने की तरफ लेकर जाती है। 

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इस बीच एंटरटेनमेंट प्लस स्टूडियो की टीम ने सार्थक कहानी, पटकथा और संवादों से सजी फिल्म के लिए प्रभावी ढंग से पुस्तक को समझा और उसके सार को अ छे से पर्दे पर अभिव्यक्त किया है। प्रोडक्शन टीम ने कम से कम बजट के साथ कड़ी मेहनत की है और इस फिल्म को अच्छे कैमरा वर्क, अभिनय और बैक स्कोर के साथ दर्शकों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बनाया है। 

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