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राजस्थान का सियासी दंगल/ हाईकोर्ट में टली सुनवाई, सचिन पायलेट खेमे ने याचिका में संशोधन के लिए मांगा समय

संजीवनी टुडे 16-07-2020 15:58:13

हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी है, मामले की दोपहर तीन बजे से जज सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पायलट गुट ने याचिका में संशोधन के लिए समय मांगा।


जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी दंगल अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को नोटिस का मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। पायलट खेमे के विधायक पी आर मीणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी है, मामले की दोपहर तीन बजे से जज सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पायलट गुट ने याचिका में संशोधन के लिए समय मांगा। कोर्ट में विधानसभा स्पीकर की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखा। वहीं, बागी विधायकों की दलीलें हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने रखीं। 

दरअसल, राज्य विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने कांग्रेस के बागी 19 विधायकों को विधायक दल की बैठक में नहीं आने पर नोटिस जारी किया है। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी की याचिका पर उन्होंने नोटिस जारी किए, इसके बाद विधायकों को वॉट्सएप पर ये भेजे गए और उनके घरों पर भी चस्पा कर दो दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, अब जब मामला कानूनी हो गया है तो कांग्रेस को भी उम्मीद दिख रही है। 

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो अगर अदालत की ओर से नोटिस पर स्टे नहीं दिया जाता है, तो कांग्रेस बागी विधायकों को मना कर वापस बुला सकती है, क्योंकि तब सचिन पायलट गुट के विधायकों को अपनी सदस्यता खोने का डर होगा। सूत्रों का मानना है कि कांग्रेस की कोशिश है कि अपने गुट को मजबूत किया जाए, कम से कम पांच विधायकों को वापस लाया जाए ताकि आगे सरकार सही तरीके से चल सके।

राजस्थान में कांग्रेस से बगावत करने वाले सचिन पायलट व उनके खेमे के अधिकांश विधायक भाजपा में जाने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते पायलट को सामने आकर यह बात स्वीकार करनी पड़ी। इसकी वजह इन विधायकों की स्थानीय सियासत बड़ा कारण है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के कई विधायक पायलट के समर्थन में हैं लेकिन भाजपा में जाने को तैयार नहीं हैं। मंत्री पद से हटाए गए रमेश मीणा, निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला की सियासत का आधार भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ रहना है। 

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