संजीवनी टुडे

HC: IAS केपी रमैया को गिरफ्तार के सख्त निर्देश

संजीवनी टुडे 22-04-2019 22:12:51


पटना। पटना हाईकोर्ट ने राज्य के चर्चित आईएएस अधिकारी और बिहार भूमि न्यायाधिकरण (बीएलटी) के पूर्व न्यायिक सदस्य केपी रमैया को हर हाल में 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर हाई कोर्ट में पेश करने का निर्देश आईजी मुख्यालय गणेश कुमार को दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर रमैया को 24 अप्रैल को पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किया जाता है तो यह बात प्रमाणित हो जाएगा बिहार में कानून का राज नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। हर व्यक्ति को कानून के दायरे में रहकर अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। चाहे वह व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो। इस मामले में रमैया द्वारा अदालती आदेश का पालन नहीं करने पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए रमैया के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला भी शुरू कर दिया।


मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सोमवार को यह मामला सुनवाई के लिए सूचिबद्ध था। सुनवाई के समय रमैया के अधिवक्ता के साथ-साथ राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर और आईजी मुख्यालय गणेश कुमार अदालत में उपस्थित थे। सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता रमैया के अधिवक्ता द्वारा अदालत को बताया गया कि अभी वह अदालत में नहीं आ पाए हैं। रमैया के अधिवक्ता को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई दोपहर बाद 2:15 बजे की जाएगी। खंडपीठ ने रमैया के अधिवक्ता को कहा कि वे 2:15 बजे हर हाल में रमैया को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दे दें। 

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दोपहर सवा दो बजे जब इस मामले की फिर सुनवाई शुरू हुई तो अदालत को बताया गया कि जब तक रमैया की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का निर्देश हाईकोर्ट नहीं देगा तबतक रमैया कोर्ट में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस तरह का आदेश कतई नहीं देगा। रमैया की गिरफ्तारी पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाएगा और हर हाल में उन्हें अदालत में हाजिर होना पड़ेगा। कोर्ट ने जब उनके अधिवक्ता से पूछा कि वह कहां है और अदालत में क्यों नहीं आ रहे हैं तब उनके अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि इस संबंध में वे अदालत में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं देंगे। इसपर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने रमैया के अधिवक्ता को कहा कि वे अपना और अपने मुवक्किल का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि रमैया और उनके अधिवक्ता की आपस में बात हुई है या नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि टावर लोकेशन से अगर पता चल जाएगा की दोनों के बीच में बात हुई है तो अदालत इसे गंभीर मानते हुए कुछ भी निर्देश दे सकता है। 

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मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुबह इस मामले की आंशिक सुनवाई करते हुए दोपहर तक रमैया को कोर्ट में हाजिर करने की मोहलत दी लेकिन उनके हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने न सिर्फ गैर जमानती वारंट जारी किया,बल्कि उनके विरुद्ध आपराधिक अवमानना का मामला भी चलाने का आदेश दिया । 
 

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