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कोरोना संकट को देख सरकार एक सत्र की फीस माफ करें : एनएसयूआई

संजीवनी टुडे 12-10-2020 15:23:09

संगठन ने कोरोना संकट काल में बंद विश्वविद्यालयों के छात्रावास को भी खोलने की मांग की है।


वाराणसी। कोरोना संकट काल में आर्थिक परेशानी से जूझ रहे अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने एक सत्र की फीस माफ करने की वकालत की है। संगठन ने कोरोना संकट काल में बंद विश्वविद्यालयों के छात्रावास को भी खोलने की मांग की है। 

संगठन के राष्ट्रीय सचिव अविनाश यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दोनों नेताओं ने कहा कि आर्थिक स्थिति डांवाडोल होने पर बहुत से विद्यार्थियों ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी और गांवों की ओर पलायन कर गये। प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए नेताओं ने कहा कि एक ओर जीरो टालरेंस की बात की जाती है। वहीं दूसरी ओर नकल माफिया और शिक्षा माफिया धड़ल्ले से प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करा रहे है। जांच होती है तो सरकार के नुमांइदें पकड़े जाते है। हाल यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन तो लिये जाते है। लेकिन परीक्षाएं नही होती है। अगर होती है तो नकल की भेंट चढ़ जाती है। 

दोनों नेताओं ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर उन्होंने पूर्वांचल का दौरा किया है। पूरे दौरे में पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में दिया गया। समस्याओं के निराकरण के लिए 20 दिन का समय देकर चेताया भी गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 20 दिन के अंदर समस्याओं का निदान नही हुआ तो कार्यकर्ता विवि और महाविद्यालय प्रशासन का घेराव करेंगे। वाराणसी के जिलाध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने कहा कि पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार फेल है। पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ठप पड़ी है। वार्ता में ही पूर्वांचल कार्यकारिणी की प्रयागराज, वाराणसी के जिलाध्यक्ष और दो संयोजकों को छोड़ बाकि को भंग कर दिया गया।

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