संजीवनी टुडे

फसल अवशेषों को न जलाकर किसान स्वच्छ पर्यावरण दें: शाही

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 21-09-2019 18:29:53

सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से आह्वान किया है कि वे फसल के बचे अवशेषों को न जलाकर स्वच्छ पर्यावरण देने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।


देवरिया। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से आह्वान किया है कि वे फसल के बचे अवशेषों को न जलाकर स्वच्छ पर्यावरण देने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। शाही ने शनिवार को देवरिया में एक कार्यक्रम में कहा कि हम कृषि अवशेषों(पराली व डंठल) जलाकर प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर अपने द्वारा ही बीमारियों को पैदा कर अपनी जमीन की उर्वरा शक्ति को भी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उपयोग खेती में ही कृषि यंत्रों द्वारा बेहतर तरीके से किया जा सकता है। इसके लिये कृषि यंत्रो पर भारी अनुदान की योजना भी संचालित है। जब तक हम प्रकृति का संतुलित प्रयोग नहीं करेंगे, तब तक देश व प्रदेश को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।

यह खबर भी पढ़ें: ​भाजपा की 2014 में हुई थी अप्रत्याशित जीत, विपक्ष से इस बार भी कोई बड़ी चुनौती नहीं..

उन्होंने कहा कि फसल के बचे अवशेषों को जलाने पर कठोर कानून भी प्राविधान है, उसे लागू करने से अच्छा है कि हम स्वयं जागरुक हो और अवशेषों को न जलाकर अपने भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण दें। उन्होंने कहा कि अब कम्बाईन मशीन के साथ अतिरिक्त रीपर भी अनिवार्य होगा।

शाही ने कहा कि संचालित योजनाओं व किसानों में जन जागरुकता लाये जाने के लिए किसान पाठशाला अक्टूबर माह से चलाया जायेगा तथा ग्राम पंचायत स्तर पर भी वन स्टाप वन शाॅप की व्यवस्था बनाया जायेगा। जहां कृषकों को सभी जानकारियों के साथ आवश्यक कृषि निवेशों की पूर्ति एक ही जगह मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संसाधनों का दुरुपयोग व फसल अवशेषों को जलाये जाने से तापमान वृद्धि के साथ जल स्तर में कमी आ रही है। इसे रोकने के लियेे किसानो को जागरुक होना होगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने तीन कृषकों को कृषि यंत्रो के स्वीकृति पत्र तथा दस प्रगतिशील किसानों में पराली को सड़ा कर उपयोगी बनाने वाली दवा डीमानीटर्स की शीशी/किट का भी वितरण किया।

जिलाधिकारी अमित किशोर ने कहा कि फसल अवशेष जलाना एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित है और इस पर जुर्माने का भी प्राविधान है। अवशेष जलाने के कारण कभी-कभी भीषण आग का भी रुप ले लेता है और भारी नुकशान होता है। इससे किसान को बचना चाहिये तथा फसल अवशेषों का प्रबंधन अपने कृषि कार्यो में करना चाहिये। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फसल जलाने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर तमाम विधायक और अधिकारी के साथ उप निदेशक कृषि प्रसार डा0एके मिश्र मौजूद थे।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From state

Trending Now
Recommended