संजीवनी टुडे

मोदी के ड्रीम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा करेगी गहलोत सरकार, जानिए क्या पड़ेगा असर

संजीवनी टुडे 18-08-2019 17:44:50

राजधानी जयपुर, अजमेर और उदयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।


जयपुर। राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा चलाई गई महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा की शुरूआत कोटा से कर दी है।

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इसके बाद राजधानी जयपुर, अजमेर और उदयपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए नगरीय विकास विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी है। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने रूडिसको की समीक्षा बैठक में इसका खुलासा किया है।

शांति धारीवाल ने कहा ,कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रदेश के चार शहरों जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर में चल रहे विभिन्न कार्यो की पुर्नसमीक्षा की जा रही है। क्योंकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कई कार्य ऐसे हैं जो जनउपयोगी नहीं है। धारीवाल ने हाल ही में कोटा में स्वायत्त शासन सचिव भवानी सिंह देथा की उपस्थिति में योजना की समीक्षा की थी। कोटा में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कई काम ऐसे थे, जो जनउपयोगी नहीं थे। 

अनुपयोगी कार्यों को बंद करवाया जा रहा है। धारीवाल ने फिलहाल ये नहीं बताया है कि स्मार्ट सिटी के कौन- कौन से काम बंद करवाने की लिस्ट तैयार की है। अब जयपुर, अजमेर और उदयपुर के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल योजनाओं की समीक्षा कर जनोपयोगी योजनाओं को गति दी जाएगी। जो कार्य जनता के लिए उपयोगी नहीं है, उन्हें योजना से हटाया जाएगा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में नई जनउपयोगी योजनाओं को शामिल कर उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

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नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार की अमृत योजना में केन्द्र सरकार से मिलने वाली हिस्सा राशि निर्धारित समय पर नहीं मिलने के कारण योजना की गति धीमी हुई है। इसके कारण नगरीय निकायों में विभिन्न योजनाएं आर्थिक संकट के कारण अधूरी पड़ी हैं। नगरीय निकायों की योजनओं में पैंसों की कमी ना हो इसके लिए पूर्व में राज्य सरकार ने आरयूआइडीएफ फण्ड का गठन किया था। जिससे नगरीय निकायों को ऋण उपलब्ध करवाया जाता था। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने आरयूआइडीएफ फण्ड व्यवस्था को समाप्त कर दिया। इससे निकायों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। अब आरयूआइडीएफ फण्ड को फिर से शुरू किया जाएगा।

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