संजीवनी टुडे

गंगा भारत के लिए महत्वपूर्ण नदी: कार्ल गुस्ताफ

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 05-12-2019 19:41:12

उत्तराखंड के हरिद्वार में स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ और रानी सिल्विया ने गुरुवार को यहां केन्द्र सरकार के नामामि गंगे की सराहना करते हुए कहा कि गंगा भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण नदी है।


हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ और रानी सिल्विया ने गुरुवार को यहां केन्द्र सरकार के नामामि गंगे की सराहना करते हुए कहा कि गंगा भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण नदी है।

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स्वीडन के राजा और रानी आज सुबह उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे हैं। प्रोटोकॉल मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद वे ऋषिकेश के रामझूला पुल पर पैदल चलकर नाव घाट पहुंचे और बाद में हरिद्वार के सराय में स्थित 14 एमएलडी क्षमता के सीवर के गंदे पानी का शोधन संयंत्र (एसटीपी) का लोकार्पण किया और भारत सरकार के नमामि गंगे मिशन के सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।

उन्होंने 14 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के लाेकार्पण करने के बाद संयंत्र का निरीक्षण किया और साथ ही नमामि गंगे कार्यों को लेकर वहां एक वृतचित्र का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा पानी को साफ एवं निर्मल बनाने के लिए भारत सरकार अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जल का हमारे जीवन में बहुत महत्व है फिर चाहे वह जमीन वाला जल हो या फिर बारिश के रूप में जल हो। इसलिए जल के संरक्षण और संवर्धन के लिए विश्वव्यापी प्रयास करना जरूरी है।

इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उपस्थित रहे। शेखावत ने कहा की गंगा पौराणिक नदी है इसका धार्मिक वह भौतिक महत्व है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तराखंड में गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 34 एसटीपी स्टेशन बनाए जाने हैं जिनमें से 23 का काम लगभग पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया की गंगा देश की जीवन धारा है और गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक इस के तटीय इलाकों को जल देने के साथ-साथ हरा भरा बनाना है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में नमामि गंगे के तहत कुल 127 एमएलडी शोधन क्षमता के संयंत्र लगाए जाने हैं इसमें से 45 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी स्टेशन पहले से ही यहां जगजीतपुर में काम कर रहा है आज 14 एमएलडी का एसटीपी प्लांट का लोकार्पण किया गया है इस योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में एसटीपी प्लांट के अलावा कई घाट वह श्मशान घाट बनाए जा रहे है ।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा ऋषिकेश तक गंगा जल की गुणवत्ता काफी अच्छी है और गंगाजल आचमन योग्य है इस पर लगातार कार्य चल रहा है ताकि गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाया जा सके। मुख्यमंत्री रावत ने कहा की स्वीडन में भी एक नदी जो गंदा नाला बन चुकी थी उसको यूरोपीय देशों ने मिलकर साफ करने का बीड़ा उठाया और करीब 19 साल के प्रयास के बाद आज टेरिन नदी पुनर्जीवित हो चुकी है और और वहां का जल इस्तेमाल लायक हो गया है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार नमामि गंगे को लेकर मॉनिटरिंग कर रही है नमामि गंगे के अंतर्गत उत्तराखंड में काफी तेजी से काम चल रहा है और गंगा स्वच्छ एवं निर्मल होने के साथ-साथ सिंचाई के बड़े साधन के रूप में उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है इसलिए पुराणों से लेकर आधुनिक विज्ञान तक गंगा के महत्व को बहुत अधिक वंदनीय माना जाता है।

गौरतलब है कि 14 एमएलडी सराय ट्रीटमेंट प्लांट पीपीपी मोड पर बनाया गया है। इसको बनाने वाली एजेंसी 15 वर्षों तक इसका अनुरक्षण एवं रखरखाव करेगी। स्वीडन के राजा रानी के आगमन को लेकर यहां कड़ी सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे चप्पे-चप्पे पर पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किये गये। कार्यक्रम स्थल पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

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