संजीवनी टुडे

गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के बीच जोधपुर पर सीट सीधा मुकाबला

संजीवनी टुडे 23-04-2019 21:41:01


जोधपुर। 29 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर वैसे तो भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के लिए हर एक सीट हॉट सीट है, मगर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के बीच सीधा मुकाबला जोधपुर की सीट पर होना है, लिहाजा पूरे प्रदेश और देश की नजर इस सीट पर रहेगी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपना प्रचार जिस तेजी से शुरू किया है उससे आगे निकलने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत और उनकी टीम भी जुट गई है।

मारवाड़ की राजनीति की सबसे बड़े गढ़ समझे जाने वाले जोधपुर में गजेन्द्रसिंह शेखावत भाजपा की ओर से मैदान में है। 2014 में चुनाव जीतने के बाद पीएम मोदी की गुडबुक में आए और केन्द्रीय मंत्री बनाए गए। इनके सामने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत चुनाव मैदान में है। जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से कई वर्षों के चुनाव परिणाम की अगर बात करे तो 1962 में लक्ष्मीमल सिंघवी, 1971 कृष्णा कुमारी, 1989 में जसवंतसिंह जसोल, 1980, 84, 91, 96, 98 में अशोक गहलोत, 2009 में चंद्रेश कुमारी कटोच और वर्ष 2014 में भाजपा के गजेन्द्रसिंह शेखावत यहां से चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे जो आज देश के केन्द्रीय राज्य मंत्री भी है। 

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जोधपुर लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो आठ विधानसभा क्षेत्र इसमें शामिल है जिसमें जोधपुर जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के अलावा जैसलमेर जिले का पोकरण विधानसभा क्षेत्र शामिल है। वहीं जोधपुर का बिलाड़ा, भोपालगढ़ और ओसियां जो आता तो जोधपुर जिले में ही है, मगर उनका लोकसभा क्षेत्र पाली लगता है। यहां पर पिछले वर्ष के वोटिंग प्रतिशत की बात करे तो 62.22 प्रतिशत रहा है।

 जातीय समीकरण के आधार पर बात की जाए तो यहां पर 3.25 लाख राजपूत, 3 लाख दलित, 2.5 लाख मुस्लिम, 1 लाख माली, 1.50 लाख विश्नोई, 2.25 लाख ओबीसी, 2 लाख ब्राह्मण और 1 लाख जाट समाज के वोट के अलावा 2 से 3 लाख तक के अन्य जातियों के वोट भी शामिल है। यहां पर वर्तमान राजनीति स्थिति की बात करे तो शेखावत टिकट मिलते ही फील्ड में उतर गए है। वही कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई सभाएं कर चुके है। आठ विधानसभा क्षेत्रों में से 6 पर कांग्रेसी विधायक है। ऐसे में भाजपा को यहां जीत के लिए काफी जोर लगाना होगा। कुछ नाराज भाजपा नेताओं को मनाना भी पडेगा। जोधपुर राजनीतिक स्थिति की बात करे तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत शेखावत के सामने चुनाव मैदान में है, इसलिए टक्कर तो कांटे की मानी जा रही है। एक और मोदी-शेखावत जोडी होगी तो दूसरी और सीएम गहलोत का चार दशक पुराना राजनीतिक अनुभव। रोचक मुकाबला होगा। जिस पर पूरे देश की निगाह रहेगी। 

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शेखावत कार्यों को भुना रहे: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एम्स से लेकर एयरपोर्ट विस्तार व सडक़ों के जाल से लेकर अन्य विकास कार्यों का दावा किया है लेकिन उनके दावों और कार्यों को जनता कितने नंबर देती है यह देखने वाली बात होगी। गौरतलब है कि कथित रूप से भाजपा के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निकटतम माने जाने वाले गजेंद्र सिंह शेखावत को टिकट मिलने को लेकर कई महीनों पहले से संशय चल रहा था लेकिन जैसे ही शेखावत को उम्मीदवार बनाया गया है ऐसे में भाजपा के कई नेता नाराज भी चल रहे हैं उन को मनाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बना है और ऐसे में जब कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को प्रत्याशी बना कर मैदान में उतारा है ऐसे में कांग्रेस जनों के लिए वैभव गहलोत की नैया पार लगाना बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

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