संजीवनी टुडे

सूर्यग्रहण के समय कुरुक्षेत्र की पावन धरा को पहली पातशाही गुरु नानक देव जी ने किया था पवित्र

संजीवनी टुडे 19-07-2019 17:11:07

सूर्यग्रहण के समय कुरुक्षेत्र की पावन धरा को पहली पातशाही गुरु नानक देव जी ने किया था पवित्र


कुरुक्षेत्र। पूरी दुनिया में धर्मनगरी कुरुक्षेत्र ही एक ऐसा पवित्र स्थल है जो सिख पंथ के लिए अति महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन धरा पर सिखों के 8 गुरु साहिबान ने अपने चरण रखकर इस भूमि को इतिहास के सुनहरी पन्नों में शुमार कर दिया। इसी भूमि पर सूर्यग्रहण के समय पहली पातशाही गुरु नानक देव जी महाराज सम्वत 1558 बैसाख की अमावस्या पर पहुंचे थे। 

आज भी किरमच रोड पर स्थित पहली पातशाही जगत गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज जी के गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते है। इस गुरुद्वारा साहिब की देखरेख और संगत की सेवा करने का काम शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर द्वारा की जा रही है।

पहली पातशाही जगत गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाशोत्सव पर राज्य सरकार की तरफ से 4 अगस्त को सिरसा में एक राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है और इस आयोजन को लेकर कुरुक्षेत्र ही नहीं पूरे हरियाणा की सिख संगत बेसब्री के साथ राज्यस्तरीय समागम का इंतजार कर रही है। 

इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र की इस भूमि से हजारों की संख्या में संगत सिरसा के लिए रवाना होगी और समागम में अपनी हाजरी देगी। इस प्रकाशोत्सव के दौरान कुरुक्षेत्र का पहली पातशाही जगत गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज जी से जुड़े इतिहास पर भी चर्चा और व्याख्यान किया जाएगा, क्योंकि इस धरा पर ही गुरु नानक देव जी महाराज पहली उदासी जो सम्वत 1554 से 1565 तक थी, के दौरान 1558 बैसाख की अमावस्या पर कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। 

मैनेजर अमरेन्द्र सिंह ने इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि पहली पातशाही जगत गुरु श्री गुरुनानक देव जी महाराज सम्वत 1558 की अमावस्या सूर्यग्रहण के समय कुरुक्षेत्र में पहुंचे और बड़े तालाब के किनारे गुरु जी ने अपना डेरा लगाया।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From state

Trending Now
Recommended