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PM आवास योजना के ड्रा पर उठी अंगुलियां, 253 आवेदकों के आधे-अधूरे आवेदन किए शामिल

संजीवनी टुडे 30-06-2020 03:01:00

धानमंत्री आवास योजना के मधुबन बापूधाम इस वर्ष सात फरवरी 2020 को निकाली गई लाॅटरी सिस्टम की पारदर्शिता पर जीडीए बोर्ड के सदस्य हिमांशु मित्तल ने प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उत्तर प्रदेश शासन से जांच की मांग की है।


गाजियाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना के मधुबन बापूधाम इस वर्ष सात फरवरी 2020 को निकाली गई लाॅटरी सिस्टम की पारदर्शिता पर जीडीए बोर्ड के सदस्य हिमांशु मित्तल ने प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उत्तर प्रदेश शासन से जांच की मांग की है। खास बात यह है कि इस योजना में तीन हजार 885 आवेदकों में से 856 लोगों को चयन किया गया था लेकिन 856 लोगों में से 253 वह लोग चयनित किए गए जिनका अपने कागजात में साथ न तो आय प्रमाण पत्र और न ही जाति प्रमाण पत्र। इसके बावजूद 253 आवेदकों को सफल आवेदक घोषित कर दिया गया है। 

मजे की बात यह है कि पीएम आवासीय योजना के पात्र लोगों के चयन की सत्यापन पहले जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा करता है। इसके बाद जिलाधिकारी के पास यह सूची भेजी जाती है, जिलाधिकारी इस सूची का सत्यापन तहसील स्तर पर कराते हैं। इन दो स्तर पर सत्यापन होने के बाद ही लाॅटरी द्वारा सफल आवेदकों का चयन किया जाता है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति की देखरेख में इस लाॅटरी का आयोजन किया जाता है। 

जीडीए बोर्ड के सदस्य हिमांशु मित्तल का कहना है कि इस प्रकार लाॅटरी आवटन में जानबूझ कर अनियमितताएं बरती गई हैं। तााकि अपने चहेतों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। इस सिलसिले में जीडीए के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जो भी सूची पीएम आवास तक तहत डूडा व जिला प्रशासन से जो सत्यापित सूची आती है उसी सूची के अनुसार लाॅटरी निकाली जाती है। इस संबंध में जिलाधिकारी डा अजय शंकर पांडेय का कहना है कि उनके संज्ञान में अभी तक इस तरह का कोई मामला नहीं आया है यदि कोई इस तरह का मामला आता है तो उसकी जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी मिला तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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