संजीवनी टुडे

महिला निर्वाचन अधिकारियों को अब तैनात किया जा सकेगा उनके घर के पास

संजीवनी टुडे 27-03-2019 12:16:15


कोलकाता। लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज अफताब ने महिला सरकारी कर्मचारियों को मतदान के कार्य में लगाने के लिए उन्हें उनके घर के पास ही किसी भी मतदान केंद्र पर तैनात करने की छूट दे दी है।

दरअसल पहले यह नियम था कि किसी भी चुनाव अधिकारी को उनके विधानसभा केंद्र में मतदान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया जा सकेगा। ऐसे में जब महिला सरकारी कर्मियों को चुनाव कर्मचारी के तौर पर नियुक्त करना पड़ता था तो कई कर्मचारी घर से दूर जाने को तैयार नहीं होती थीं। 

इसके लिए वह असुरक्षा की बात करती थीं और रात को घर नहीं लौटने की वजह से तमाम तरह की मूलभूत सुविधाओं की कमी भी रहती थी। इस बार राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज अफताब ने केंद्रीय चुनाव अधिकारियों से इसमें छूट देने की मांग की, तो उन्हें इजाजत दे दी गई। अब किसी भी महिला को उनके घर के पास ही किसी मतदान केंद्र में चुनाव कर्मचारी के तौर पर तैनात किया जा सकेगा। हालांकि संबंधित महिला कर्मचारी जिस मतदान केंद्र की मतदाता होंगी, वहां उन्हें तैनात नहीं किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मतदान में महिलाओं को सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग में महिला परिचालित मतदान केंद्र बनाने पर अधिक जोर दिया था। यानी ऐसा केंद्र जहां चुनाव संपन्न कराने की मुख्य जिम्मेदारी महिला कर्मचारियों की होगी। 2016 के विधानसभा चुनाव में राज्य भर में 1147 महिला संचालित मतदान केंद्र विकसित किए गए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य भर में 400 ऐसे मतदान केंद्र विकसित हुए थे और इस बार भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 

उत्तर कोलकाता लोकसभा क्षेत्र में 135 महिला परिचालित मतदान केंद्र तैयार हुए हैं। दार्जिलिंग लोकसभा केंद्र में 84 और राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह से मतदान केंद्र विकसित किया गया है, जहां मतदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए महिला कर्मचारी प्रमुख होंगी। ऐसे में इस बार महिला सरकारी अधिकारियों को उनके विधानसभा क्षेत्र में ही तैनात करने से मतदान कर्मियों की घटती संख्या से चुनाव आयोग को निजात मिलेगी।

राज्य चुनाव अधिकारी के अनुसार राज्य भर में 78999 मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर सहित 4 लाख 75 हजार मतदान कर्मियों की जरूरत है। ऐसे में अगर अधिक से अधिक महिलाओं की तैनाती होगी तो आयोग को काफी मदद मिलेगी, क्योंकि दूर तैनात करने की वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहती और हर साल पर्याप्त संख्या में मतदान कर्मियों को नियुक्त नहीं किया जाता है। इसकी भरपाई करने के लिए कई बार सेवानिवृत्त पुरुष सरकारी कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी में तैनात करना पड़ता है, लेकिन इस बार अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं की तैनाती होने की वजह से इस समस्या से निजात मिलने की संभावना है।

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