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मुख्यमंत्री की दो महत्वकांक्षी योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा :डीडीसी

संजीवनी टुडे 24-05-2020 10:02:42

मुख्यमंत्री की दो महत्वकांक्षी योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा


रांची। रांची के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अनन्य मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री की दो महत्वकांक्षी योजनाएं बिरसा हरित ग्राम योजना तथा नीलांबर पीताम्बर जल समृद्धि योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 1400 एकड़ भूमि का चयन
डीडीसी रांची ने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में 1400 एकड़ भूमि का चयन किया जा चुका है। प्रवासी मजदूर आजीविका के लिए वर्क डिमांड भर रहे हैं। मुख्य रूप से प्राइवेट लैंड और उपलब्धता नहीं होने पर सरकारी जमीन पर योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना तक के तहत 30 मई तक गड्ढा खुदाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। अब तक 25000 से ज्यादा गड्ढा खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

 नीलाम्बर-पीताम्बर योजना से मिल रहा रोजगार
 मित्तल ने बताया कि नीलांबर पीताम्बर जल समृद्धि योजना है। जिसके तहत पीसीबी और नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसमें 3144 टीसीबी इश्यू हो चुके हैं। जिनमें 1506 का काम शुरू किया जा चुका है। आने वाले दिनों में शत-प्रतिशत काम पूरा किया जाएगा। 

 मनरेगा के तहत चल रही 5761 योजनाएं
डीडीसी रांची ने बताया कि मनरेगा के तहत रांची ज़िला में 5761 योजनाएं चल रही है । जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आजीविका प्राप्त हो रहा है। प्रत्येक गांव में लगभग 4.5 योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है । जिनमें 90% से ज्यादा लोग लगे हैं 

प्रधानमंत्री आवास योजना के परफॉर्मिंग इंडेक्स में रांची अव्वल
 उप विकास आयुक्त ने बताया कि लॉक डाउन पीरियड में छूट मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1886 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसमें लाभुक को भी आजीविका प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भारत सरकार के परफार्मिंग इंडेक्स में रांची जिला पूरे झारखंड में पहले स्थान पर है। 

 प्रवासी मजदूरों के डेटाबेस के लिए कमेटी का गठन
डीडीसी रांची ने बताया कि जिले में पंचायत और ब्लॉक लेवल पर कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटि प्रवासी मजदूरों का डेटाबेस तैयार कर रही हैं । जिससे यह जानकारी मिलती है कि कितने मजदूर बाहर से आए हैं और पंचायत में पहुंचे हैं। इन लोगों की मेडिकल सर्वे भी की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कितने लोग क्वॉरेंटाइन में है और कितनों का क्वॉरेंटाइन में 14 दिनों से ऊपर हो गया है।  

2500 प्रवासी मजदूरों का लेबर रजिस्ट्रेशन
 साथ ही उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों का लेबर रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है अब तक ढाई हजार लोगों का लेबर रजिस्ट्रेशन हो चुका है । साथ ही मजदूरों की स्किल मैपिंग भी की जा रही है भविष्य में इसी आधार पर उन्हें रोजगार दिया जाएगा। 

प्रत्येक प्रखंड में शेल्टर होम
शेल्टर होम के बारे में बताते हुए डीडीसी रांची ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में बॉर्डर शेल्टर होम बनाए गए हैं। विभिन्न जिला में जाने वाले प्रवासी शेल्टर होम में रह सकते हैं । बस से जाने और मेडिकल स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक इन शेल्टर होम में उनके रहने खाने आदि की व्यवस्था की जा रही है।

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