संजीवनी टुडे

आकांक्षी जिला घोषित होने के बाद सुधरी बेगूसराय की शिक्षा

संजीवनी टुडे 21-02-2019 16:15:38


बेगूसराय। भारत सरकार के नीति आयोग का आकांक्षी जिला बेगूसराय लगातार अपने रैंकिंग में सुधार कर रहा है। सभी 117 आकांक्षी जिलों की शिक्षा रैंकिंग में बेगूसराय को पहला स्थान मिला है। भारत सरकार के चैंपियन्स ऑफ चेंज द्वारा जारी ताजा रैंकिंग के अनुसार बेगूसराय ने आकांक्षी जिला के लिए देशभर में चयनित 117 चुनिंदा जिलों की शिक्षा सुधार रैंकिंग लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया है। इसका स्कोर 61.4 है जबकि हेल्थ एंड न्यूट्रीशन में इसे 111 वां स्थान मिला है। कृषि एवं वाटर रिसोर्स में दसवें स्थान पर है। स्किल डेवलपमेंट 14 वें स्थान पर है। फाइनेंशियल इंक्लूजन में 32 वें तथा बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में 39 वें स्थान पर है। 13 वीं डेल्टा रैंकिंग में समग्र स्कोर 53.1 मिला है। 

आकांक्षी योजना शुरू होने के मात्र आठ माह में जिले के 1489 में से 1020 स्कूलों में सबों के सहयोग से पुस्तकालय शुरू किया जा चुका है। गुरुवार को केन्द्र सरकार के समग्र शिक्षा, पीरामल फाउंडेशन एवं नीति आयोग द्वारा आयोजित कॉन्वेरेंज ऑफ मीडिया विथ डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 28 राज्यों में 49 प्वाइंट पर सर्वे कराया गया था जिसके बाद इनमें से 117 जिलों का आकांक्षी जिला के रूप में चयन किया गया। इस 49 प्वाइंट में आठ प्वाइंट सिर्फ शिक्षा से जुड़े हैं।

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आकांक्षी जिला में चयन होने के बाद आठ माह पहले 16 कार्यकर्ताओं की टीम बेगूसराय पहुंची तथा विद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, छात्र-छात्रा, विद्यालय शिक्षा समिति, ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्कूल में पुस्तकालय की शुरुआत की गई। जिससे माहौल बना। सबका साथ सबका विकास के मूल सिद्धांत को लेकर शिक्षा के माहौल को बदलने की कोशिश की गयी। 50 हजार नए नामांकन कराए गए। चेतना सत्र का कांसेप्ट बदलकर लर्निंग कर दिया गया। विद्यालय भवन को सीखने-सिखाने के लायक बनाने की तैयारी शुरू हुई। बाल संसद को सशक्त किया गया।

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पिरामल फाउंडेशन की सीएसआर योजना के तहत सरकार की योजनाओं को धरातलीय रूप से लागू करने के लिए जिला की टीम में श्वेता चौबे, अरविंद कुमार, राकेश कुमार, ऐश्वर्या बनर्जी एवं रॉबिन कुमार समेत अन्य लोग लगे हैं। ये सभी आंध्र प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल समेत अन्य प्रदेशों से हैं तथा देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के दौरान गांधी फैलोशिप के तहत केन्द्र सरकार के इस कार्य में लगे हैं जिसका फल भी मिल रहा है। विद्यालयों में शिक्षण के तरीके बदल गए हैं जिसके बाद हर लोग केन्द्र सरकार की इस योजना की सराहना कर रहे हैं। 
 

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