संजीवनी टुडे

बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नालों में उफान पर

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 08-08-2019 17:29:29

बस्तर संभाग में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नालों में उफान एवं बाढ़ के चलते संभाग मुख्यालय जगदलपुर का अनेक स्थानों से सड़क संपर्क टूट गया है।


जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदी नालों में उफान एवं बाढ़ के चलते संभाग मुख्यालय जगदलपुर का अनेक स्थानों से सड़क संपर्क टूट गया है। 

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सुकमा जिले का आज दूसरे दिन भी उड़ीसा एवं तेलंगाना से संपर्क टूटा हुआ है। इधर बीजापुर जिला मुख्यालय भी टापू में परिवर्तित हो चुका है। बाढ़ एवं बारिश से अब तक समूचे संभाग में 175 मकान ढहने की खबर है और 11 लोग तेज बहाव में बह गए हैं, जिनमें से 5 के शव बरामद हुए हैं। शेष लापता लोगों की गोताखोरों की मदद से तलाश जारी है। जगदलपुर में मकान ढहने से दो की मौत हो गयी वहीं 5 लोग घायल हैं।

अधिकतर स्थानों पर गांव व कस्बे तालाब में तब्दील हो गए हैं। सड़क, गलियां, चौराहे पानी से लबालब हो गये हैं। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। मूसलाधार बारिश की वजह से ग्रामीण के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की व्यवस्था चरमरा गई है। इंद्रावती नदी का तेजी से बढ़ता जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।

बस्तर कलेक्टर अय्याज तांबोली ने बताया कि उड़ीसा में खातीगुड़ा डेम का जलस्तर बढऩे से दोपहर बाद बांध के तीन गेट खोल दिए जाएंगे। नदी किनारे के लोगों को सतर्कता बरतते हुए मकान खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंद्रावती नदी के खतरे के निशान के ऊपर बहने से निचली बस्तियों को खाली करा कर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया है। बाढ़ पीडि़तों के लिए शहर के अनेक स्कूलों में राहत केन्द्र खोले गए हैं। शिविरार्थियों को प्रशासन द्वारा भोजन एवं उपचार मुहैया करवाया जा रहा है।

बीजापुर जिला मुख्यालय से आंध्रप्रदेश मार्ग पर तारलागुड़ा में बाढ़ का पानी दूसरे दिन भी पुल से ऊपर बह रहा है। इधर बीजापुर से बासागुड़ा मार्ग पर तालपेरू नदी का पानी पुल पर से 4 फीट ऊपर बह रहा है, जिससे इस मार्ग पर भी कल से यातायात ठप है। बाढ़ की वजह से चेरपाल, गंगालूर, कुटरू, बासागुड़ा इलाके में आवागमन ठप हो गया है।

बाढ़ की विभीषिका से सबसे ज्यादा सुकमा जिले में तबाही मची हुयी है। बाढ़ की विभीषिका से सुकमा जिले का तेलंगाना एवं उड़ीसा समेत संभाग के अनेक गांवों से सड़क संपर्क सुगम नहीं हो पाया है। सुकमा से उड़ीसा मार्ग पर शबरी नदी का पानी पुल के छह फीट ऊपर बह रहा है। बाढ़ की वजह से दुब्बाकोटा के निकट नेशनल हाईवे मार्ग डूब गया है, जिससे तेलंगाना जाने वाली वाहनों को रोक दिया गया है। 

दूसरी ओर कोंटा में गोदावरी नदी के बैक वाटर के चलते आधी बस्ती डूब गयी। नदी किनारे बसे 150 लोगों को राहत शिविरों में आश्रय दी गयी है। करीब दर्जन भर स्कूलों में तेज बारिश के कारण आज सरकारी तौर पर बच्चों को छुट्टी दे दी गयी। कोंटा में एक घर की दीवार गिर गई थी, जिसमें 4 लोग दब कर घायल हो गए।

दंतेवाड़ा जिले की प्रमुख नदियां संकनी-डंकनी एवं उनकी सहायक नदियों का जल स्तर भी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। जगदलपुर-रायगढ़ रेलमार्ग के आमादुला स्टेशन एवं वेदांता के बीच पटरी के नीचे मिट्टी धंसकने से पिछले दो दिनों से वेस्ट बंगाल, ओडि़सा, झारखंड बस्तर से रेल संपर्क टूट गया है, जिससे जगदलपुर से कोलकाता मार्ग पर चलने वाली समलेश्वरी एवं राउरकेला एक्सप्रेस दूसरे दिन भी रद्द कर दी गयी। 

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