संजीवनी टुडे

डीयू शिक्षकों ने उपराज्यपाल से की 28 कॉलेजों को फंड रोके जाने के आदेश वापसी की मांग

संजीवनी टुडे 30-05-2019 19:02:16


नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) से संबद्ध दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों का फंड रोके जाने का मुद्दा अब उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास पहुंच गया है। शिक्षकों ने उपराज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर दिल्ली सरकार को फंड रोके जाने वाले आदेश को तत्काल वापस लेने का आदेश जारी करने की मांग की है।दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने गुरुवार को शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल से राजनिवास में मुलाकात की। उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि वे प्रभावित कालेजों के शैक्षिक तथा प्रशासनिक कार्यों के सुचारू प्रबंधन के लिये शीघ्रातिशीघ्र हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाएं।

प्रतिनिधिमंडल में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार पांडे,  दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ ए.के. भागी तथा एनडीटीएफ के कोआर्डिनेटर डॉ. प्रद्युम्न कुमार शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के लिये दुर्भाग्यपूर्ण है कि 16 अप्रैल को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उच्च शिक्षा के सचिव को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि जब तक इन कालेजों की गवर्निंग बॉडीज का गठन नहीं हो जाता है तब तक इन कालेजों को फंड जारी नहीं किया जाए। इस निर्णय की तुरंत समीक्षा करने की आवश्यकता है।

उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे फंड जारी करने के मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली सरकार से उचित कार्रवाई के लिए कहेंगे। 

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय मुद्दा है और इसे इसी दृष्टिकोण से निपटाना चाहिए न कि विशुद्ध राजनीतिक दृष्टिकोण से।अध्यापकों के प्रतिनिधियों ने उपराज्यपाल को अवगत कराया कि अनेक कॉलेजों को दिल्ली सरकार द्वारा पांच प्रतिशत फंड दिए जाने का प्रावधान है परंतु सरकार मात्र एक प्रतिशत ही फंड देती है। इसके कारण इन कालेजों की आधारभूत जरूरतें तथा रखरखाव नहीं हो पाता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तुरंत सुलझाया जाना चाहिए।

प्रतिनिधियों ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली विश्वविद्यालय को संबंधित कालेजों में गवर्निंग बॉडी का गठन करने के लिए दोष नहीं दे सकती। दिल्ली सरकार स्वयं ही विलंब करने वाली रणनीति अपना रही है। वह संबंधित कालेजों में गवर्निंग बॉडी गठित करने के लिए 10/12 नाम नहीं भेज रही है। इसके कारण इनके गठन में विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद भी कॉलेज में गवर्निंग बॉडी गठित हैं और इनमें कोरम पूरा है। परंतु दिल्ली सरकार ने अभी नामांकन भेजने हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय नामों को भेजे जाने की प्रतीक्षा कर रहा है।

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प्रतिनिधिमंडल ने उप-राज्यपाल को बताया कि प्रभावित कालेजों में गवर्निंग बॉडी विद्यमान है परंतु इनमें दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि सम्मिलित नहीं हैं। पहले भी कई बार गवर्निंग बॉडीज दिल्ली सरकार के प्रतिनिधित्व के बिना भी काम करती रहीं हैं।

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