संजीवनी टुडे

डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी को मिलेगा प्रथम नामवर सिंह सम्मान

संजीवनी टुडे 15-03-2019 11:46:00


बेगूसराय। भारतीय साहित्य की हिंदी पट्टी को 'व्योमकेश दरवेश' जैसा संस्मरण और 'नंगातलाई का गांव' जैसी आत्मकथा देने वाले डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी को 'प्रथम नामवर सिंह सम्मान' से विभूषित किया जाएगा। विप्लवी पुस्तकालय गोदरगावां के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन 24 मार्च को डॉ त्रिपाठी को यह सम्मान मिलेगा। 

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प्रख्यात साहित्यकार लीलाधर मंडलोई (दिल्ली), प्रख्यात गांधीवादी विचारक डॉ रामजी सिंह, साहित्यकार -उपन्यासकार वेद प्रकाश (अलीगढ़), मार्क्सवादी आलोचक अजय तिवारी (दिल्ली), साहित्यकार रविंद्र नाथ राय (आरा) के साथ प्रगतिशील लेखक संघ के जिला से राष्ट्रीय स्तर तक के पदाधिकारी इस आयोजन के साक्षी बनेंगे। कार्यक्रम की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। 

पुस्तकाध्यक्ष मनोरंजन विप्लवी ने बताया कि शहादत दिवस सह वार्षिकोत्सव का शुभारंभ 23 मार्च को दोपहर दो बजे शहीद-ए-आजम भगत सिंह एवं पुलवामा के शहीदों की स्मृति में पुष्पांजलि के साथ होगा। इसके बाद विप्लवी पुस्तकालय से आजाद चौक स्थित चंद्रशेखर आजाद स्मृति स्थल तक आतंकी हमले के विरुद्ध एकजुटता मौन मार्च निकाला जाएगा। संध्या सात बजे से बीहट इप्टा के कलाकारों की प्रस्तुति एकलव्य उवाच का मंचन होगा। 24 मार्च को देवी वैदेही सभागार में समाज, साहित्य और धर्म विषयक संगोष्ठी का आयोजन होगा। 

संगोष्ठी के बाद डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी को प्रथम नामवर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र राजन ने बताया कि हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक, कवि और गद्यकार डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी ने प्रगतिशील विचारधारा से सम्बद्ध कट्टरतारहित आलोचक के रूप मध्यकालीन साहित्य से लेकर समकालीन साहित्य तक की आलोचना में गहरी अंतर्दृष्टि का परिचय दिया है। 

जीवनी एवं संस्मरण लेखन के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्त्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। त्रिपाठी जी भाषा एवं साहित्य दोनों के गम्भीर अनुसंधित्सु रहे हैं। उनकी पहली पुस्तक 'हिन्दी आलोचना' आज भी अपनी मौलिकता, प्रांजलता, ईमानदार अभिव्यक्ति तथा सटीक एवं व्यापक विश्लेषण के कारण अपने क्षेत्र में अद्वितीय है। 

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उन्होंने बताया कि डॉ नामवर सिंह का विप्लवी पुस्तकालय से गहरा लगाव था जिसके कारण प्रत्येक वर्ष नामवर सिंह सम्मान देने का निर्णय लिया गया है। उनके निधन के बाद आयोजित हो रहे वार्षिकोत्सव में डॉ नामवर सिंह के अत्यंत ही करीबी रहे प्रख्यात डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी को 'प्रथम नामवर सिंह सम्मान' दिया जा रहा है। 

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