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कदाचार को लेकर गुजरात में प्रदर्शन, राज्य सरकार ने कहा- रद्द नहीं होगी परीक्षा

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 04-12-2019 18:20:17

कदाचार को लेकर गुजरात में प्रदर्शन, राज्य सरकार ने कहा- रद्द नहीं होगी परीक्षा


गांधीनगर। गुजरात में हाल में राज्य गौण सेवा पसंदगी मंडल (सबोर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड) की ओर से आयोजित गैर सचिवालय क्लर्क और सचिवालय सहायक परीक्षा में कथित तौर पर भारी पैमाने पर हुए कदाचार का आरोप लगाते हुए यहां परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे परीक्षार्थियों और कांग्रेस के दो विधायकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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दूसरी ओर, राज्य सरकार ने साफ तौर पर कहा कि कदाचार के आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी पर लगभग चार हजार पदों के लिए गत 17 नवंबर को आयोजित परीक्षा को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जायेगा।

राज्य के विभिन्न हिस्सों से यहां आये परीक्षार्थियों ने बोर्ड के कर्मयोगी भवन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन का प्रयास किया तो पुलिस ने उनके से कई को तथा उनका समर्थन कर रहे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के दो विधायकों किरीट पटेल और गुलाबसिंह राजपूत को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में भी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

उधर, प्रदेश के गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने कहा कि परीक्षा का पेपर भावनगर में लीक होने का आरोप पूरी तरह गलत पाया गया था। पालनपुर में व्हाट्सएैप के जरिये पेपर बाहर भेजने वाले तथा उसका उत्तर भेजने वाले दोनो को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस की ओर से सुरेन्द्रनगर में कदाचार संबंधी दी गयी एक शिकायत की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

उन्होंने कहा कि पूरी परीक्षा रद्द नहीं की जायेगी लेकिन कदाचार में लिप्त किसी को भी छोड़ा नहीं जायेगा। बोर्ड के चेयरमैन ने बताया है कि 39 आरोपों की जांच के लिए 305 सीसीटीवी फुटेज की जांच का काम अंतिम चरण में है। दो दिन में इस संबंध में कार्रवाई कर इसकी जानकारी सार्वजनिक की जायेगी।

उन्होंने बताया कि परीक्षा के 3173 केंद्रों में से 98 प्रतिशत पर सीसीटीवी लगे थे। मंत्री ने कांग्रेस पर इस मामले में राजनीति करने तथा युवाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले पांच साल में राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को ऐसी भर्तियों के जरिये रोजगार दिया है जबकि कांग्रेस ने तो अपने शासन में भर्तियों पर पूरी तरह रोक ही लगा दी थी।

इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने उक्त परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि पार्टी की ओर से कदाचार का सबूत दिये जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया।

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