संजीवनी टुडे

कृष्णा अस्पताल में मौत का खेल, प्रसव के दौरान नवजात की थमी सांसें

संजीवनी टुडे 14-01-2019 18:05:00


कोरबा । स्वास्थ्य सुविधाओं और विषेशज्ञ डॉक्टर से लेस होने का दंभ भरने वाले शहर के निजी अस्पताल कृष्णा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के स्पेशल होने के दावे की उस वक्त पोल खुल गई जब एक सामान्य प्रसव को जटिल तरीके से किया गया। इसका नतीजा यह हुआ की प्रसव के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया। वहीं जच्चे की हालत इस डिलीवरी के बाद स्थिर है। नवजात की मौत से पूरा पीड़ित परिवार सदमे में है, वहीं मृत नवजात की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। कृष्णा स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बेपरवाह डॉक्टर्स की कारास्तानी की शिकायत पीड़ित पक्ष ने सम्बन्धित रामपुर चौकी में कर दी। जिसके बाद अस्पताल के संचालक विशाल उपाध्याय को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। यह पूरा वाकया कल रात यानी रविवार का है। बताया जा रहा है की शहर के एक प्रतिष्ठित व्यवसाई और डीडीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक अमरनारायण सिंह की पत्नी को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उन्हें कृष्णा अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर्स ने उनके परीक्षण के बाद उन्हें घर भेज दिया। जयपुर में प्लॉट: 21000 डाउन पेमेन्ट शेष राशि 18 माह की आसान किस्तों में, मात्र 2.30 लाख Call:09314188188

इसी तरह रविवार सुबह 9 बजे फिर से मरीज को अस्पताल लाया गया। जानकारी के मुताबिक अस्पताल के वरिष्ठ महिला डॉक्टर प्रीति उपाध्याय ने पुनः गर्भवती की जांच की और फिर अपने स्टाॅफ को डिलीवरी की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। इस निर्देश के बजाय जहां डॉक्टर उपाध्याय को खुद मरीज के साथ मौजूद होना था वह किसी काम से बाहर चली गई। इस दौरान गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ती रही, लेकिन डॉक्टर प्रीति उपाध्याय नहीं लौटी। डॉक्टर के वापस नहीं आने के बाद मरीज को करीब शाम के छह बजे ऑपरेशन थियेटर के भीतर ले जाया गया। करीब आधे घंटे तक नॉन स्पेशलिस्ट यानी अस्पताल के स्टाॅफ ने प्रसव को पूरा कराया। इसी बीच जानकारी मिली की नवजात का सिर बाहर नहीं आ रहा है और इसके बाद प्रसव करा राहे स्टाॅफ ने डॉक्टर्स के लौटने और फिर प्रसव को पूरा कराने की बात कही। देर शाम अस्पताल लौटी प्रीति उपाध्याय ने प्रसव की पूरी जानकारी ली और फिर डिलीवरी सामान्य होने की बात परिजनों से कही।

वहीं जब काफी देर तक कोई खबर नहीं आई तो परिजनों ने फिर से महिला डाॅक्टर से सम्पर्क करते हुए जच्चे-बच्चे की जानकारी मांगी। लेकिन इस बार डॉक्टर प्रीति उपाध्याय ने बताया की बच्चे की हालत नाजुक है और उसे वेंटीलेंटर पर रखा गया है। आखिरकार प्रसव के करीब पांच घंटे बाद यानी रात 12 बजे बताया गया की वह बच्चे को नहीं बचा सके। डॉक्टर्स के इस लापरवाही से मानो परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया की प्रसव के दौरान गम्भीर लापरवाही बरती गयी है।

उनका कहना था की यह पूरा प्रसव नर्स और दूसरे स्टाॅफ की देखरेख में हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि डिलीवरी के दौरान किसी शिशु विशेषज्ञ के मौजूद नहीं रहने पर भी उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए। रात करीब 2 बजे पीड़ित सिंह परिवार ने इस पूरे लापरवाही की शिकायत निकटस्थ रामपुर चौकी में की। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए कृष्णा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के संचालक विशाल उपाध्याय को हिरासत में ले लिया। विशाल उपाध्याय से पुलिस ने इस पूरी लापरवाही पर अपनी पूछताछ शुरू की। दूसरी तरफ डॉक्टर की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही आम हुई कृष्णा अस्पताल के दूसरे स्टाॅफ चौकी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। 

MUST WATCH & SUBSCRIBE

इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने इस पूरे मामले को एकतरफा बताते हुए अपने दूसरे संघ के लोगों से भी इसकी शिकायत की। दूसरी तरफ पीड़ित सिंह परिवार की मांग थी की विशेषज्ञ डॉक्टर्स की मौजूदगी में मृत नवजात का पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि चिकित्सकों द्वारा सामान्य प्रसव में बरती गई लापरवाही उजागर हो सके। खबर लिखे जाने तक नवजात के पीएम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। वहीं कानूनी अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो इस आशंका से बड़ी संख्या में पुलिस के जवान चौकी और अस्पताल के आसपास तैनात किए गए है।

More From state

Loading...
Trending Now
Recommended