संजीवनी टुडे

लॉकडाउन खत्म होने के इंतजार में दिहाड़ी मजदूर

संजीवनी टुडे 25-05-2020 15:21:32

कोरोना संकट काल में स्थानीय निर्माण मजदूरों की स्थिति अत्यंत दोयम हो चली है। राशनकार्ड धारी एवं लालकार्ड वाले मज़दूरों को तो चावल और अन्य सामग्रियां सरकारी स्तर पर उपलब्ध है


देवघर। कोरोना संकट काल में स्थानीय निर्माण मजदूरों की स्थिति अत्यंत दोयम हो चली है। राशनकार्ड धारी एवं लालकार्ड वाले मज़दूरों को तो चावल और अन्य सामग्रियां सरकारी स्तर पर उपलब्ध है और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी जरूरतमंदों को राहत सामग्री दी जा रही है। बावजूद दैनिक जरूरतों की आवयश्क सामग्री न होने से इनके अंदर बेचैनी भी है। बसमनडीह ,सातर पंचायत के टिकैत दास, ठेसो दास ,गौतम दास ,शंकर दास के दिहाड़ी मज़दूर और राजमिस्त्री का काम करते हैं।

उपेंद्र दास,रँग मिस्त्री, मनोज दास, देवेंद्र दास, जितेंद्र दास खड़कुआँ,सातर पंचायत का निवासी हैं। इन सभी का कहना है कि उन्हें चावल ,दाल तो उपलब्ध हुए किन्तु सिर्फ चावल के सहारे परिवार का भरण-पोषण तो नहीं किया जा सकता। इन सभी मज़दूरों का कहना है कि लॉक डाउन की स्थिति में वे गाँवों के अधूरे काम पूरे कर किसी तरह जीवन-यापन कर रहे थे। लेकिन अब गाँवों में भी कोई काम न रहा। इस कारण उनकी मजबूरी है कि शहर की ओर रुख करें। लेकिन 31 से पहले शहर में भी शायद ही निर्माण कार्य आरम्भ हो।

उल्लेखनीय है कि देवघर एयरपोर्ट सहित अन्य कई जगह निर्माण कार्य आरम्भ तो हैं। लेकिन एयरपोर्ट में कार्यरत सभी मज़दूर बाहर के हैं फलस्वरूप स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या को निर्माण कार्य में समायोजित किया जाना संभव नहीं है। सरकारी आदेशानुसार सामाजिक दूरियों का अनुपालन करते हुए निर्माण कार्य सशर्त आरम्भ किया जाना है। 

लेकिन निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता अभी ऐसी नहीं कि बड़े पैमाने पर कार्यारम्भ किया जा सके। बहरहाल, दिहाड़ी मजदूर चौथे चरण के लॉक डाउन खत्म होने का बेसब्री से इन्तज़ार कर रहे हैं, ताकि रुकी हुई जीवन को फिर से गति दे सकें।

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