संजीवनी टुडे

ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस

संजीवनी टुडे 26-03-2019 21:38:08


भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को दिये गए 27 फीसदी आरक्षण पर गत दिनों मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव जया ठाकुर ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि राज्य शासन द्वारा ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित किया जाए।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को मिलने वाले 14 फीसदी आरक्षण को बढ़ाकर कमलनाथ सरकार ने गत आठ मार्च को एक अध्यादेश के माध्यम से 27 फीसदी कर दिया गया था। राज्य सरकार ने यह फैसला अपने चुनावी वचन पत्र में किये गये वादे को पूरा करने के लिए लिया था, लेकिन इसके खिलाफ मेडिकल की पढ़ाई कर रही तीन छात्राओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 

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मेडिकल छात्राओं के वकील आदित्य संघी ने याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार किसी भी राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक हो गई है। याचिकाकर्ताओं ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि नीट-2019 परीक्षा में उन्होंने अच्छे अंक हासिल किए हैं और अब वे प्रीपीजी काउंसलिंग के जरिए मनपसंद पीजी मेडिकल सीट चाहती हैं, लेकिन ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण मिलने की सूरत में उनका सपना टूट सकता है। हाई कोर्ट ने गत 19 मार्च को सभी बिंदुओं पर गौर करने के बाद 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने उसी दिन सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। 

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प्रदेश कांग्रेस की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने प्रेस वार्ता आयोजित कर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि ओबीसी आरक्षण के प्रति सरकार वचनबद्ध है। उनकी सरकार ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने के लिए हाई कोर्ट के फैसले को लेकर कानून के जानकारों से सलाह लेगी। मंगलवार को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। 

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