संजीवनी टुडे

प्रोजेक्ट युग्म का युग्म दिवस 24 को, कोक स्टूडियो आर्टिस्ट मोरलाला मारवाड़ा रहेंगे मौजूद

संजीवनी टुडे 22-07-2018 17:39:40


जयपुर। शहर के युवाओं ने मिलकर 2 साल पहले बनाया प्रोजेक्ट युग्म अब अपने दूसरे साल में प्रवेश करने जा रहा है। यह युग्म बैंड शुरू से ही एक ऐसी थीम पर चला है जिसमें फोक सांग्स, कबीर के दोहे और संगीत के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की कोशिश की गई है। इस प्रोजेक्ट युग्म का हिस्सा वोकलिस्ट अभिषेक जीनगर, फ्लूटिस्ट मयंक पराशर, रोहन मैनी,  निखिल शर्मा, दीक्षांत पंवार और सिद्धार्थ माहेश्वरी हैं। इस बार प्रोजेक्ट युग्म अपनी नई पहल के साथ जयपुरवासियों से रूबरू होगा। इसे लेकर अभिषेक जीनगर ने बताया कि हम 24 जुलाई को अपना प्रोजेक्ट युग्म का दूसरा जन्मदिन महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में मनाएंगे। जिसमें पिछले साल से कुछ आगे बढ़कर नए गानों को जयपुरवासियों के सामने लेकर आएंगे। 

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हमें पानी की समस्या को लेकर नीर बनाया है और साथ ही, कबीर का दोहा धीरे-धीरे रे मना से लेकर कई नए कलेवर सुनने को मिलेंगे। साथ ही कोक स्टूडियो आर्टिस्ट मोरलाला मारवाड़ा और एलन इंस्टिट्यूट के नवीन माहेश्वरी भी इस बार युग्म दिवस पर हमारे बीच मौजूद रहेंगे। साथ ही कथक डांसर मनस्वनी शर्मा और वर्तिका तिवारी अपने कथक के लालित्य से जयपुरवासियों को मंत्रमुग्ध करेंगीं। युग्म दिवस पर टाइटल स्पोंसर के रूप में एलन इंस्टीट्यूट है। इस बार मेंसट्रुएशन यानि मासिक धर्म को लेकर आवाज उठाने की कोशिश करेंगे। क्यों महिलाएं इसे छुपा कर पेश करें, वे भी समाज का हिस्सा हैं और मेंस्ट्रुएशन भी एक प्राकृतिक क्रिया। इसे लेकर युग्म के रोहन मैनी ने बताया कि हमने शुरू से ही देखा है कि समाज में इस बात को लेकर चुप्पी छाई रहती है। ऐसे में महिलाओं को कई समस्याओं को सामना करना पड़ता है। मंदिर में ना जाना, धार्मिक कार्यों को ना करना। ये सभी हिदायतें दी जाती हैं। लेकिन समाज का एक हिस्सा होने के नाते भी उनकी इस प्रक्रिया को समझने की कोशिश नहीं की जाती इसे लेकर हम अब एक मुहीम शुरू करेंगे। 

जिस पर बात करने से सोसाइटी हमेशा कतराती रही है। यह है महिलाओं से जुड़ी समस्या जिस पर पैडमैन सरीखी फिल्में बन चुकी हैं। यहां तक कि केंद्र और राज्य सरकारों ने भी इस ओर काफी कदम उठाए हैं। प्रोजेक्ट युग्म के अभिषेक जीनगर ने बताया कि हमने इसी कड़ी में एक सांग बनाया है जो लाल रंग के नाम से सभी सोशल प्लेटफार्म पर मौजूद है। हमने इस गाने की नींव वर्ल्ड मेंसट्रूऐशन हाइजीन डे पर रखी थीं। जिसे हमने महिलाओं की मासिक धर्म की समस्या को लेकर बनाया है। इस गाने के लिरिक्स के बारे में बात करते हुए मयंक पराशर ने बताया कि लाल रंग का हल्ला क्यों मचता दरबार में इस लाइन के साथ हमने सांग की शुरुआत की है। इसमें वो सारी समस्याएं संगीत के माध्यम से बताई गईं हैं। कि कैसे पीरियड्स के दौरान महिलाओं से भेदभाव किया जाता है। गाने के लिरिक्स भी प्रोजेक्ट युग्म के मयंक और अनु शर्मा ने लिखे हैं। मयंक प्रोजेक्ट युग्म में फलुटिस्ट हैं । गौरतलब है कि युग्म अपनी दूसरी एनिवर्सरी 24 जुलाई 2018 को मनाने जा रहा है। जिसमें वे अपने इस लाल रंग और कई नए गानों को

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जयपुरवासियों के सामने प्रस्तुत करेंगे। 

 

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